



उत्तराखंड में इन दिनों मौसम का मिजाज लगातार कठोर बना हुआ है और ठंड का असर आम जनजीवन पर साफ दिखाई देने लगा है। भारतीय मौसम विभाग की ओर से राज्य के कई हिस्सों में कड़ाके की ठंड और सुबह-सुबह घने कोहरे को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है, क्योंकि कोहरे के कारण दृश्यता काफी कम हो सकती है। हरिद्वार, उधम सिंह नगर, देहरादून, नैनीताल, चंपावत और पौड़ी गढ़वाल सहित छह जिलों में सुबह और देर रात घना कोहरा छाने की संभावना जताई गई है, जिससे सड़कों पर वाहन चलाने में परेशानी बढ़ सकती है और दुर्घटनाओं का खतरा भी बना रहेगा।
प्रदेशभर में फिलहाल मौसम शुष्क बना हुआ है और कहीं भी तेज बारिश या बर्फबारी की स्थिति नहीं है। हालांकि मौसम विज्ञानियों का कहना है कि नए साल के आसपास मौसम करवट ले सकता है। 30, 31 दिसंबर और 1 जनवरी के दौरान प्रदेश के पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी की संभावना जताई गई है, जिससे ऊंचाई वाले क्षेत्रों में ठंड और अधिक बढ़ सकती है और तापमान में और गिरावट दर्ज की जा सकती है।

उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़ और बागेश्वर जैसे पर्वतीय जिलों में मौसम भले ही साफ बना हुआ हो, लेकिन वहां भी ठंड का असर साफ महसूस किया जा रहा है। खासतौर पर सुबह और रात के समय सर्द हवाओं के चलते लोग कंपकंपाने को मजबूर हैं और जनजीवन प्रभावित हो रहा है।
मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में तापमान में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं है। दिन के समय हल्की धूप निकलने से कुछ राहत मिल सकती है, लेकिन सुबह और शाम की ठंड के साथ कोहरे का असर लगातार बना रहेगा। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वाहन चलाते समय धीमी गति अपनाएं, फॉग लाइट का इस्तेमाल करें और सुरक्षित दूरी बनाए रखें, ताकि कम दृश्यता के कारण होने वाली किसी भी अनहोनी से बचा जा सके।
कुल मिलाकर प्रदेश में फिलहाल ठंड और कोहरे का असर बना हुआ है, लेकिन जैसे-जैसे नया साल नजदीक आ रहा है, पहाड़ी क्षेत्रों में संभावित बर्फबारी के चलते ठंड और भी बढ़ सकती है। ऐसे में लोगों को मौसम के बदलते मिजाज को देखते हुए पूरी सतर्कता और सावधानी बरतने की जरूरत है।

