

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के तहत उत्तराखंड आज विकास के नए शिखर छू रहा है और देश की प्रगति में अहम भूमिका निभा रहा है। यह बात राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेवानिवृत्त) ने गणतंत्र दिवस के अवसर पर प्रदेशवासियों को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड भारत की विकास यात्रा का सशक्त सहभागी बन चुका है और केंद्र व राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से प्रदेश लगातार आगे बढ़ रहा है।
राज्यपाल ने अपने संबोधन में कहा कि बीते वर्षों में उत्तराखंड में सड़क, रेल और हवाई कनेक्टिविटी के साथ-साथ डिजिटल सेवाओं और निवेश के क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति हुई है। इन बुनियादी ढांचे के विकास से न केवल आम लोगों का जीवन आसान हुआ है, बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था को भी नई गति मिली है। प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में उत्तराखंड को शीतकालीन तीर्थाटन और बारहमासी पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है, जिससे पर्यटन को सालभर बढ़ावा मिल सके।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड को वैश्विक आध्यात्मिक केंद्र, योग-भूमि और वेलनेस हब के रूप में पहचान दिलाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। योग और आयुर्वेद राज्य की आत्मा हैं और इन्हीं पर आधारित स्वास्थ्य एवं वेलनेस टूरिज्म को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। साथ ही, उत्तराखंड को एक प्रमुख वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में भी विकसित किया जा रहा है, जिससे स्थानीय लोगों को रोजगार के नए अवसर मिल रहे हैं।
राज्यपाल ने प्रदेश की मातृशक्ति और बेटियों की सराहना करते हुए कहा कि वे शिक्षा, खेल, सेना, उद्यमिता और प्रशासन सहित हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा और क्षमता का लोहा मनवा रही हैं। उन्होंने ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ ब्रांड का उल्लेख करते हुए कहा कि इसके माध्यम से उत्तराखंड के शुद्ध, जैविक और स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि वैश्विक पहचान दिलाई जा रही है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है।
उन्होंने समान नागरिक संहिता को लागू किए जाने को संविधान निर्माताओं के सपनों को साकार करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बताया। साथ ही कहा कि प्रशासन में तकनीक के बढ़ते उपयोग से पारदर्शिता आई है, आपदा प्रबंधन और स्वास्थ्य सेवाएं पहले से अधिक सुदृढ़ हुई हैं और शासन व्यवस्था अधिक प्रभावी बनी है।
अपने संबोधन के अंत में राज्यपाल ने नागरिकों से आह्वान किया कि वे अपने कर्तव्यों का पूरी निष्ठा से पालन करते हुए उत्तराखंड को देश के सर्वश्रेष्ठ राज्यों की श्रेणी में शामिल करने में योगदान दें। उन्होंने राष्ट्रीय मतदाता दिवस के अवसर पर लोकतंत्र को मजबूत करने में चुनावी अधिकारियों की भूमिका की भी सराहना की और कहा कि मतदान केवल अधिकार ही नहीं, बल्कि हर नागरिक का संवैधानिक कर्तव्य भी है।







