


Uttarakhand: नीति आयोग द्वारा जारी निर्यात तैयारी सूचकांक में उत्तराखंड ने बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए छोटे राज्यों, उत्तर-पूर्वी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की श्रेणी में पहला स्थान प्राप्त किया है। इस उपलब्धि को प्रदेश के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, उत्तराखंड ने निर्यात से जुड़ी नीतियों, आधारभूत ढांचे, संस्थागत सहयोग और कारोबारी अनुकूल वातावरण के मामलों में बेहतर प्रदर्शन किया है, जिसके चलते उसे शीर्ष स्थान मिला है।
निर्यात तैयारी सूचकांक राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की निर्यात क्षमता, उनकी तैयारियों और वैश्विक बाजारों से जुड़ने की क्षमता का आकलन करता है। नीति आयोग का मानना है कि मौजूदा वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों में निर्यात राज्यों के लिए नए अवसर खोल रहा है और आर्थिक विकास को गति देने में अहम भूमिका निभा रहा है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि निर्यात के माध्यम से न केवल विदेशी मुद्रा अर्जित होती है, बल्कि वैश्विक मूल्य श्रृंखलाओं में भागीदारी बढ़ती है और व्यापार घाटे को कम करने में भी मदद मिलती है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस उपलब्धि पर खुशी जताते हुए इसे प्रदेश के लिए गर्व का क्षण बताया है। उन्होंने कहा कि यह सफलता राज्य सरकार की निर्यात-उन्मुख नीतियों, विभागीय समन्वय और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के प्रयासों का परिणाम है। मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार का लक्ष्य उत्तराखंड के प्रत्येक जिले के विशिष्ट उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में पहचान दिलाना है, ताकि स्थानीय उद्यमियों, किसानों और कारीगरों को अधिक से अधिक लाभ मिल सके।
सरकार का मानना है कि इस उपलब्धि से प्रदेश में निवेश को बढ़ावा मिलेगा और औद्योगिक विकास के नए अवसर पैदा होंगे। निर्यात के क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन से रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे और राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। नीति आयोग की इस रिपोर्ट को उत्तराखंड के लिए भविष्य में निर्यात आधारित विकास की दिशा में एक मजबूत आधार के रूप में देखा जा रहा है।

