



उत्तराखंड के पर्वतीय इलाकों में आज मौसम का मिजाज बदला हुआ नजर आ सकता है। मौसम विज्ञान केंद्र की ओर से ऊंची चोटियों पर हल्की बारिश और बर्फबारी की संभावना जताई गई है। पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र पर कमजोर पश्चिमी विक्षोभ का असर बना हुआ है, जिसके चलते बीते शनिवार को देहरादून सहित आसपास के क्षेत्रों में आंशिक रूप से बादल छाए रहे। दिन के समय जहां हल्की धूप खिली रही, वहीं शाम ढलते ही सर्द हवाओं ने ठिठुरन बढ़ा दी। कुछ स्थानों पर दोपहर के समय तेज धूप भी देखने को मिली, लेकिन इसके बावजूद अधिकांश क्षेत्रों में अधिकतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई, जबकि न्यूनतम तापमान सामान्य से ऊपर बना रहा। पहाड़ी इलाकों में दिनभर धूप और बादलों की आंखमिचौली चलती रही।
मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार आज भी मौसम की स्थिति लगभग शनिवार जैसी ही बनी रह सकती है। रविवार को उत्तरकाशी, चमोली और पिथौरागढ़ जिलों में कहीं-कहीं हल्की बारिश और बर्फबारी होने के आसार हैं। इन जिलों में 3500 मीटर या उससे अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फ गिरने की संभावना जताई गई है, जबकि प्रदेश के अन्य जिलों में मौसम शुष्क बने रहने का अनुमान है। विभाग ने बताया कि आगामी 19 दिसंबर तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मौसम शुष्क रह सकता है।

इस बीच बद्रीनाथ धाम में कड़ाके की ठंड का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। बारिश नहीं होने के कारण रात के समय जबरदस्त पाला पड़ रहा है, जिससे तापमान माइनस 8 से माइनस 10 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच रहा है। भीषण ठंड का असर अब प्राकृतिक जलस्रोतों पर भी साफ दिखाई देने लगा है। कड़ाके की ठंड के चलते बद्रीनाथ क्षेत्र में ऋषि गंगा का पानी पहाड़ी पर ही झरने का रूप लेकर जम गया है। इसके साथ ही धाम क्षेत्र में बहने वाले छोटे-छोटे नाले भी जमने लगे हैं।
फिलहाल बद्रीनाथ धाम में सुरक्षा बलों के जवान, बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के कर्मचारी और मास्टर प्लान के तहत कार्य कर रहे मजदूर मौजूद हैं, जो इस कड़ाके की ठंड के बीच अपनी ड्यूटी निभा रहे हैं। तापमान में लगातार गिरावट और पाले की वजह से जनजीवन प्रभावित हो रहा है, वहीं पहाड़ों में सर्दी का असर दिन-ब-दिन और तीखा होता जा रहा है।

