


उत्तराखंड: प्रदूषण मुक्त यातायात को बढ़ावा देने की दिशा में नगर निगम ने एक अहम और दूरदर्शी कदम उठाया है। वर्ष 2026 तक शहर में इलेक्ट्रिक वाहन चालकों को चार्जिंग को लेकर किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए नगर निगम प्रशासन ने शहर के विभिन्न हिस्सों में इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने की योजना पर तेजी से काम शुरू कर दिया है। इसके साथ ही शहर की यातायात व्यवस्था को और बेहतर बनाने के उद्देश्य से नए बस स्टॉप के निर्माण की योजना को भी स्वीकृति दे दी गई है।
शहर में इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या लगातार बढ़ रही है और इसी को ध्यान में रखते हुए नगर निगम प्रशासन ने लगभग 10 स्थानों पर ईवी चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने का निर्णय लिया है। इन चार्जिंग स्टेशनों के शुरू हो जाने के बाद वाहन चालकों को बैटरी खत्म होने की चिंता से राहत मिलेगी और वे शहर के भीतर ही आसानी से अपने वाहन चार्ज कर सकेंगे। इससे न केवल इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि वायु प्रदूषण कम करने में भी मदद मिलेगी।
नगर निगम अधिकारियों के अनुसार, इन ईवी चार्जिंग स्टेशनों के निर्माण की प्रक्रिया को तेज कर दिया गया है और इसके लिए निविदा भी जारी कर दी गई है। सभी चार्जिंग स्टेशन पीपीपी (पब्लिक–प्राइवेट पार्टनरशिप) मॉडल पर संचालित किए जाएंगे। स्टेशन पर वाहनों की चार्जिंग से होने वाली आय का एक निर्धारित हिस्सा ठेकेदार कंपनी नगर निगम को देगी। चार्जिंग शुल्क स्टेशन पर प्रदर्शित रेट लिस्ट के अनुसार ही वाहन चालकों से लिया जाएगा, जिससे पारदर्शिता बनी रहेगी।
ईवी चार्जिंग स्टेशनों के लिए शहर के प्रमुख और व्यस्त स्थानों का चयन किया गया है, ताकि अधिक से अधिक लोग इस सुविधा का लाभ उठा सकें। ये चार्जिंग स्टेशन बाला जी बगीचा देहरादून रोड, इंद्रमणि बडोनी चौक के पास पेट्रोल पंप के समीप, योगनगरी रेलवे स्टेशन के बाहर, मंशा देवी शहीद स्मारक के निकट, वीरभद्र तिराहा बस स्टॉप, एम्स गेट संख्या एक के आगे, पीजी कॉलेज गेट के सामने, पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस के सामने, एम्स गेट के समीप सिंचाई गेट के सामने तथा एम्स रोड स्थित काली कमली धर्मशाला के बाहर बनाए जाएंगे।
नगर निगम का मानना है कि इन ईवी चार्जिंग स्टेशनों के शुरू होने से शहर में इलेक्ट्रिक वाहनों का उपयोग बढ़ेगा, ईंधन पर निर्भरता कम होगी और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक मजबूत कदम साबित होगा। साथ ही, नए बस स्टॉप के निर्माण से सार्वजनिक परिवहन को भी मजबूती मिलेगी और शहरवासियों को बेहतर कनेक्टिविटी का लाभ मिलेगा।

