

देहरादून में हुई एक बैठक में मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने कहा कि उत्तराखंड को विज्ञान और नवाचार पर आधारित विकास का आदर्श राज्य बनाना समय की जरूरत है। इसके लिए सभी विभागों को गंभीरता से काम करना होगा। मंगलवार को उनकी अध्यक्षता में उत्तराखंड विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (यूकास्ट) की सामान्य बैठक हुई। इसमें उन्होंने कहा कि छात्रों और युवाओं में विज्ञान, तकनीक, इंजीनियरिंग और गणित (STEM) विषयों के प्रति रुचि बढ़ाने के लिए विशेष मार्गदर्शन कार्यक्रम चलाए जाएं।
मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि स्कूल स्तर पर विज्ञान संवाद कार्यक्रम, विज्ञान पत्रिका और व्यवस्थित मार्गदर्शन प्रणाली को बढ़ावा दिया जाए। इसके साथ ही वैज्ञानिक संस्थानों द्वारा छात्रों को सही दिशा देने के लिए एक तय प्रक्रिया (SOP) भी बनाई जाए।
उन्होंने 13 जिलों में चल रहे “लैब ऑन व्हील्स” कार्यक्रम की तारीफ की और कहा कि इसे खासकर पहाड़ी क्षेत्रों में और ज्यादा फैलाया जाए। साथ ही उन्होंने अल्मोड़ा में मानसखंड विज्ञान केंद्र, चंपावत विज्ञान केंद्र और हर जिले में नवाचार केंद्र (Innovation Center) बनाने के निर्देश दिए।
बैठक में परिषद के महानिदेशक दुर्गेश पंत ने अब तक किए गए कामों और आगे की योजनाओं की जानकारी दी। बताया गया कि 88.8 मेगाहर्ट्ज पर चलने वाले विज्ञान वाणी, विज्ञान दृश्यम और विज्ञान धारा जैसे कार्यक्रमों से लोगों तक विज्ञान की जानकारी पहुंचाई जा रही है। इस बैठक में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान रुड़की, भारतीय पेट्रोलियम संस्थान और गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय के प्रमुख अधिकारी और कई विशेषज्ञ भी मौजूद रहे।







