अच्छे दिन की शुरुआत के लिए सुबह सही ड्रिंक पीना बहुत जरूरी होता है। कुछ लोग दिन की शुरुआत ब्लैक कॉफी से करते हैं, कुछ को ग्रीन टी पसंद होती है और आजकल कई लोग माचा टी पीने लगे हैं। लेकिन सवाल यह है कि ये ड्रिंक्स हमारे पेट यानी गट हेल्थ पर क्या असर डालती हैं? इस बारे में मैक्स सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल सेक्टर 128 नोएडा के इंस्टीट्यूट ऑफ डाइजेस्टिव एंड लिवर डिजीज के सीनियर डायरेक्टर डॉ. संजय कुमार ने जानकारी दी।
गट हेल्थ क्यों जरूरी है?
हमारे पेट की सेहत पूरे शरीर को प्रभावित करती है।
पाचन तंत्र सीधे तौर पर: दिमाग, त्वचा, इम्युनिटी (रोगों से लड़ने की ताकत) से जुड़ा होता है। इसलिए यह जानना जरूरी है कि हम सुबह क्या पी रहे हैं और वह पेट के लिए सही है या नहीं। हर इंसान का शरीर अलग होता है, इसलिए कोई एक ड्रिंक सबके लिए सबसे अच्छी नहीं हो सकती।
ब्लैक कॉफी

ब्लैक कॉफी पाचन क्रिया को तेज करती है।
यह पेट में एसिड बनाती है जिससे खाना जल्दी पचता है।
हल्की कब्ज से परेशान लोगों को सीमित मात्रा में ब्लैक कॉफी फायदा पहुंचा सकती है।
ब्लैक कॉफी के नुकसान
अगर किसी को एसिडिटी, सीने में जलन (GERD), इरिटेबल बाउल सिंड्रोम (IBS) की समस्या है, तो ब्लैक कॉफी से परेशानी बढ़ सकती है। ज्यादा कैफीन से गैस, जलन और बेचैनी हो सकती है।
ग्रीन टी

ग्रीन टी वजन कम करने में मदद करती है और पेट के अच्छे बैक्टीरिया बढ़ाती है।
इसमें एंटीऑक्सीडेंट होते हैं, जो सूजन और अंदरूनी नुकसान को कम करते हैं।
यह पूरी सेहत के लिए अच्छा विकल्प मानी जाती है।
ग्रीन टी के फायदे
कैफीन कम होती है
पेट के लिए हल्की होती है
जिन्हें जल्दी एसिडिटी होती है, उनके लिए सुरक्षित मानी जाती है
माचा टी
माचा असल में ग्रीन टी की पत्तियों का पाउडर होता है।
इसमें ‘एल-थीनिन’ नाम का तत्व होता है, जो दिमाग को शांत करता है और तनाव कम करता है।
जब दिमाग शांत रहता है, तो पाचन तंत्र भी अच्छा काम करता है।
माचा टी के नुकसान
इसमें भी कैफीन होती है। ज्यादा मात्रा में पीने से दिल की धड़कन तेज, एसिडिटी, बेचैनी हो सकती है। इसलिए इसे सीमित मात्रा में पीना चाहिए।
कौन-सी ड्रिंक ज्यादा बेहतर है?
तीनों ड्रिंक्स फायदेमंद हैं, लेकिन इन्हें सीमित मात्रा में पीना जरूरी है।
जिन लोगों को एसिडिटी की समस्या है, उनके लिए ग्रीन टी या हल्की माचा टी बेहतर है।
ब्लैक कॉफी केवल वही लोग पिएं जिन्हें पेट से जुड़ी कोई दिक्कत न हो।
साथ ही ध्यान रखें कि सिर्फ ड्रिंक्स से सेहत नहीं बनती। फाइबर से भरपूर और संतुलित भोजन करना भी बहुत जरूरी है। ये ड्रिंक्स खाने की जगह नहीं ले सकतीं, बल्कि सिर्फ मदद करती हैं।

