


भारतीय थल सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने शनिवार को देहरादून स्थित इंडियन मिलिट्री एकेडमी (आईएमए) में पासिंग आउट परेड के बाद युवा अधिकारियों को संबोधित करते हुए बदलते सुरक्षा परिदृश्य पर गंभीर और प्रेरक संदेश दिया। उन्होंने कहा कि आज के युवा अधिकारी ऐसे दौर में सेना में कदम रख रहे हैं, जब सुरक्षा चुनौतियां पहले से कहीं अधिक जटिल, बहुआयामी और तेजी से बदलने वाली हो चुकी हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि आने वाले समय में युद्ध केवल जमीन पर नहीं, बल्कि तकनीक, साइबर और आधुनिक प्रणालियों के माध्यम से लड़े जाएंगे। मौजूदा वैश्विक और क्षेत्रीय हालातों का जिक्र करते हुए सेना प्रमुख ने कहा कि अस्थिरता लगातार बढ़ रही है और पड़ोसी देशों के साथ प्रतिस्पर्धा ने युद्ध के स्वरूप को पूरी तरह बदल दिया है, जिससे भारतीय सेना के सामने नई तरह की चुनौतियां खड़ी हो रही हैं।
जनरल द्विवेदी ने युवा अधिकारियों से कहा कि ऐसे माहौल में केवल पारंपरिक सैन्य कौशल ही पर्याप्त नहीं होगा। अधिकारियों को तेजी से निर्णय लेने की क्षमता, परिस्थितियों के अनुसार खुद को ढालने का कौशल और सीमित संसाधनों में प्रभावी नेतृत्व करने की योग्यता भी विकसित करनी होगी। उनका यह संदेश न केवल रणनीतिक था, बल्कि आने वाले भविष्य के लिए अधिकारियों को मानसिक रूप से तैयार करने वाला भी रहा।
आईएमए की पासिंग आउट परेड के दौरान सेना प्रमुख का अनोखा और प्रेरणादायक अंदाज भी देखने को मिला। 61 वर्षीय जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने अपनी फिटनेस और जोश से सभी को चौंका दिया, जब उन्होंने नए कमीशन प्राप्त करने वाले अधिकारियों के साथ मैदान में उतरकर 20 पुश-अप लगाए। बेहद अनौपचारिक माहौल में उन्होंने युवा अफसरों से बातचीत की और उनका हौसला बढ़ाया। इस उम्र में भी उनकी चुस्ती और ऊर्जा देखकर रंगरूट और उनके परिवारजन अभिभूत नजर आए। यह दृश्य युवा अधिकारियों के लिए एक मजबूत प्रेरणा बन गया, जब देश का सबसे वरिष्ठ सैन्य अधिकारी उनके बीच उसी उत्साह के साथ मौजूद था।
पीपिंग सेरेमनी के बाद सेना प्रमुख सीधे परेड मैदान में पहुंचे और न केवल नए अधिकारियों से संवाद किया, बल्कि उनके परिवारजनों से भी मुलाकात कर उनका उत्साह बढ़ाया। सबसे खास पल वह रहा, जब उन्होंने युवा अधिकारियों के साथ मिलकर पुश-अप्स लगाए, जो अनुशासन, फिटनेस और नेतृत्व की सजीव मिसाल बन गया।
इस अवसर पर भारतीय सेना को 491 युवा सैन्य अधिकारी मिले, जिन्होंने देश की आन, बान और शान की रक्षा के लिए समर्पित रहने का संकल्प लिया। पासिंग आउट परेड की सलामी स्वयं सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने ली। परेड में 14 मित्र देशों के 34 अधिकारी भी शामिल थे, जो प्रशिक्षण पूरा कर अपने-अपने देश की सेनाओं में सेवा देंगे। देहरादून स्थित आईएमए में चेटवुड बिल्डिंग के सामने सुबह 8 बजकर 57 मिनट पर मार्कर्स कॉल के साथ परेड की शुरुआत हुई। परेड कमांडर अंकित चौधरी के नेतृत्व में कैडेट्स ने शानदार कदमताल की, जबकि आईएमए के डिप्टी कमांडेंट आलोक नरेश और कमांडेंट लेफ्टिनेंट जनरल नागेंद्र सिंह ने परेड मैदान में पहुंचकर सलामी ली। यह पूरा आयोजन अनुशासन, परंपरा और सैन्य गौरव की एक भव्य झलक प्रस्तुत करता नजर आया।







