ऋषिकेश के प्रसिद्ध त्रिवेणी घाट पर रविवार सुबह एक बड़ा हादसा हो गया। देहरादून से अपने दोस्तों के साथ घूमने आया एक 17 वर्षीय किशोर गंगा नदी के तेज बहाव में बहकर लापता हो गया। सूचना मिलते ही जल पुलिस और एसडीआरएफ (SDRF) की टीम ने मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिया है, लेकिन नदी का वेग अत्यधिक होने के कारण अभी तक किशोर का कुछ पता नहीं चल पाया है।
चश्मा बचाने के चक्कर में गहरे पानी में गया किशोर
प्राप्त जानकारी के अनुसार, देहरादून निवासी चार दोस्त अपने परिजनों से मंदिर जाने की बात कहकर ऋषिकेश आए थे। रविवार सुबह करीब 07:40 बजे सभी दोस्त त्रिवेणी घाट पर गंगा स्नान कर रहे थे। इसी दौरान एक किशोर का चश्मा पानी में गिर गया। चश्मे को पकड़ने के प्रयास में वह गहरे पानी की ओर चला गया और अचानक गंगा की तेज धारा की चपेट में आ गया। दोस्तों और घाट पर मौजूद लोगों के देखते ही देखते वह कुछ दूरी पर जाकर नदी में डूब गया।
रेस्क्यू टीमों का गहन सर्च अभियान
किशोर को बहता देख घाट पर तैनात रेस्क्यू कर्मियों ने तुरंत गंगा में छलांग लगाई और उसे बचाने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली। घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए एसडीआरएफ (SDRF) ढालवाला की डीप डाइविंग टीम तत्काल मौके पर पहुंची। एसडीआरएफ, जल पुलिस और आपदा राहत दल द्वारा घटनास्थल के आसपास और डाउनस्ट्रीम में गहन सर्च अभियान चलाया जा रहा है। हालांकि, नदी का बहाव बेहद तेज होने के कारण रेस्क्यू टीम को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
परिजनों में कोहराम
लापता किशोर की पहचान आयुष थापा (उम्र 17 वर्ष), पुत्र सुनील थापा के रूप में हुई है, जो कि ओल्ड कनॉट प्लेस, चकराता रोड, देहरादून का निवासी है। हादसे की सूचना मिलते ही किशोर के परिजन रोते-बिलखते ऋषिकेश पहुंच गए हैं। घाट पर परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
प्रशासन और एसडीआरएफ की अपील
इस हृदयविदारक घटना के बाद प्रशासन और एसडीआरएफ ने स्थानीय जनता और बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं से विशेष अपील की है:
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- गंगा नदी में केवल निर्धारित और चेन लगे सुरक्षित घाटों पर ही स्नान करें।
- नदी के तेज बहाव और डेंजर जोन वाले क्षेत्रों में जाने की गलती कतई न करें।
- अभिभावक अपने बच्चों पर विशेष ध्यान रखें और उन्हें नदी किनारों पर अकेला न छोड़ें।
प्रशासन ने सचेत किया है कि मौज-मस्ती के चक्कर में की गई थोड़ी सी भी लापरवाही ऐसी गंभीर और दुखद घटनाओं का कारण बन सकती है, इसलिए किसी भी प्रकार का अनावश्यक जोखिम न लें।

