हरिद्वार: धर्मनगरी हरिद्वार में आने वाले तीन दिन पुलिस प्रशासन और स्थानीय निवासियों के लिए किसी अग्नि परीक्षा से कम नहीं होने वाले हैं। साप्ताहिक अवकाश (वीकेंड) पर होने वाली आम आमद और सोमवार को आने वाले पवित्र ‘गंगा दशहरा’ के मुख्य स्नान पर्व के चलते धर्मनगरी में लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान है। इस भारी भीड़ को देखते हुए शहर की यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखना प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है।
शनिवार रात से ही दिखने लगा असर
आगामी स्नान पर्व और वीकेंड का असर शनिवार रात से ही साफ नजर आने लगा है। दिल्ली-हरिद्वार राष्ट्रीय राजमार्ग (हाइवे) समेत शहर के सभी प्रमुख प्रवेश मार्गों पर वाहनों का दबाव अचानक बेहद बढ़ गया है। देर रात तक हाइवे पर गाड़ियों की लंबी कतारें और धीमा ट्रैफिक देखने को मिला, जो आने वाले दो दिनों में पैदा होने वाली स्थिति का स्पष्ट संकेत है।
प्रशासन की बढ़ी चिंता, लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद
सोमवार को पड़ने वाले गंगा दशहरा के मुख्य स्नान के लिए देश के कोने-कोने से लाखों श्रद्धालुओं के हरिद्वार पहुंचने की संभावना है। वीकेंड और मुख्य पर्व के इस संयोग ने पुलिस और यातायात प्रशासन की चिंता को दोगुना कर दिया है।
चुनौतीपूर्ण रहेंगे अगले तीन दिन: शहर के अंदरूनी मार्गों, पार्किंग स्थलों और घाटों के आसपास भीड़ को नियंत्रित करना और यातायात को जाम से बचाना पुलिस के लिए सबसे बड़ी परीक्षा होगी। स्थानीय निवासियों को भी इस दौरान शहर में आवाजाही के लिए भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।
सुरक्षा और रूट डायवर्जन की तैयारी
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन मुस्तैद हो गया है। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए शहर को अलग-अलग जोन और सेक्टरों में बांटकर भारी पुलिस बल की तैनाती की जा रही है। इसके साथ ही हाइवे पर जाम की स्थिति से बचने के लिए जल्द ही भारी वाहनों और बाहरी राज्यों से आने वाले वाहनों के लिए रूट डायवर्जन प्लान लागू किया जा सकता है।

