


ऋषिकेश स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) को प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि परियोजना (पीएमबीजेपी) के तहत किफायती दवाओं की उत्कृष्ट बिक्री के लिए सम्मानित किया गया है। यह सम्मान नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित जन औषधि दिवस के अवसर पर केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा ने एम्स ऋषिकेश की कार्यकारी निदेशक प्रो. मीनू सिंह को प्रदान किया।
इस कार्यक्रम में देशभर के उन अस्पतालों और जन औषधि केंद्रों को सम्मानित किया गया, जिन्होंने आम लोगों तक सस्ती और गुणवत्तापूर्ण दवाएं पहुंचाने में उल्लेखनीय योगदान दिया है। एम्स ऋषिकेश को जन औषधि केंद्र के माध्यम से बड़ी संख्या में मरीजों को कम कीमत पर दवाएं उपलब्ध कराने और इस योजना को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए यह सम्मान दिया गया।
एम्स ऋषिकेश की कार्यकारी निदेशक प्रो. मीनू सिंह ने इस उपलब्धि को संस्थान के लिए गौरव का क्षण बताते हुए कहा कि जन औषधि योजना का उद्देश्य आम लोगों को कम कीमत पर गुणवत्तापूर्ण जेनेरिक दवाएं उपलब्ध कराना है, जिससे मरीजों पर इलाज का आर्थिक बोझ कम हो सके। उन्होंने बताया कि अक्सर लोगों के मन में यह धारणा होती है कि कम कीमत वाली दवाएं प्रभावी नहीं होतीं, लेकिन वास्तव में जन औषधि केंद्रों पर मिलने वाली जेनेरिक दवाएं गुणवत्ता और असर के मामले में ब्रांडेड दवाओं के बराबर होती हैं।
उन्होंने कहा कि एम्स ऋषिकेश लगातार इस दिशा में प्रयास कर रहा है कि अधिक से अधिक मरीजों को सस्ती और प्रभावी दवाएं उपलब्ध कराई जा सकें। जन औषधि केंद्रों के माध्यम से गरीब और मध्यम वर्ग के लोगों को बड़ी राहत मिल रही है। यह योजना स्वास्थ्य सेवाओं को सुलभ और किफायती बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हो रही है।







