देहरादून/रुद्रप्रयाग: बॉलीवुड अभिनेत्री सारा अली खान की केदारनाथ धाम यात्रा और उनकी शिव भक्ति अक्सर चर्चा का विषय बनी रहती है। हाल ही में उनकी यात्रा को लेकर उठे सवालों के बीच बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) के अध्यक्ष अजेंद्र अजय ने एक महत्वपूर्ण बयान दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सनातन धर्म किसी सीमा में नहीं बल्कि ‘आस्था’ में बसता है।
विवाद और BKTC का रुख

अक्सर सोशल मीडिया पर सारा अली खान की केदारनाथ यात्रा को लेकर बहस छिड़ जाती है। इसी संदर्भ में जब BKTC अध्यक्ष से सवाल पूछा गया, तो उन्होंने बहुत ही संतुलित और स्पष्ट जवाब दिया।
अध्यक्ष अजेंद्र अजय के मुख्य बिंदु:
- आस्था ही प्रमाण है: उन्होंने कहा कि जो भी व्यक्ति सनातन धर्म के मूल्यों में विश्वास रखता है और देवी-देवताओं के प्रति सच्ची श्रद्धा रखता है, वह सनातनी है।
- द्वार सबके लिए खुले हैं: उन्होंने जोर देकर कहा कि केदारनाथ धाम उन सभी के लिए है जिनकी भगवान शिव में अटूट आस्था है।
- धर्म और आचरण: उनके अनुसार, सनातन धर्म एक जीवन पद्धति है और यदि कोई उसे अपनाता है, तो उसकी पृष्ठभूमि पर सवाल उठाना उचित नहीं है।
सारा अली खान का ‘केदार’ प्रेम

सारा अली खान ने अपनी पहली फिल्म ‘केदारनाथ’ की शूटिंग के दौरान बाबा केदार के प्रति जो लगाव महसूस किया था, वह आज भी जारी है।
- वह हर साल कम से कम एक बार केदारनाथ धाम के दर्शन करने जरूर पहुंचती हैं।
- उन्होंने कई बार साक्षात्कार में कहा है कि केदारनाथ की ऊर्जा उन्हें शांति और शक्ति प्रदान करती है।
- उनके सोशल मीडिया पोस्ट अक्सर ‘जय भोलेनाथ’ और ‘ॐ नमः शिवाय’ जैसे उद्घोषों से भरे रहते हैं।
बयान के मायने: एक समावेशी संदेश
BKTC अध्यक्ष के इस बयान को धार्मिक उदारता और समावेशिता (Inclusivity) के प्रतीक के रूप में देखा जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे बयान से तीर्थस्थलों की गरिमा बढ़ती है और उन लोगों को सकारात्मक संदेश मिलता है जो भारतीय संस्कृति और अध्यात्म से जुड़ना चाहते हैं।
“मंदिर की चौखट पर आने वाला हर भक्त समान है, बशर्ते उसके मन में श्रद्धा और भगवान के प्रति पूर्ण समर्पण हो।” > — BKTC का संदेश

