उत्तराखंड: विधानसभा चुनाव से पहले उत्तराखंड की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। सत्ताधारी दल भारतीय जनता पार्टी को बड़ा झटका देते हुए विपक्षी भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने तीन पूर्व विधायकों समेत छह नेताओं को अपने पाले में शामिल कर लिया। सभी नेताओं ने दिल्ली में औपचारिक रूप से कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण की, जिसे आगामी चुनाव से पहले राजनीतिक समीकरण बदलने वाली अहम घटना माना जा रहा है। बताया जा रहा है कि कांग्रेस में शामिल हुए कई नेता लंबे समय से भाजपा से नाराज थे और पिछले कुछ दिनों से पार्टी नेतृत्व के संपर्क में थे।
दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में उत्तराखंड कांग्रेस प्रभारी और सांसद कुमारी सैलजा की मौजूदगी में पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल, पूर्व विधायक नारायण पाल, पूर्व विधायक भीमलाल आर्य, रुड़की के पूर्व मेयर गौरव गोयल, मसूरी नगर पालिका परिषद के पूर्व अध्यक्ष अनुज गुप्ता और नैनीताल के वरिष्ठ नेता लाखन सिंह नेगी ने कांग्रेस का दामन थामा। इस मौके पर कुमारी सैलजा ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि प्रदेश में भ्रष्टाचार चरम पर है, कानून व्यवस्था बिगड़ी हुई है, महिलाओं के खिलाफ हिंसा की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, बेरोजगारी गंभीर समस्या बन चुकी है और अवैध खनन जैसे मुद्दों पर सरकार पूरी तरह विफल रही है। उनके अनुसार इन परिस्थितियों से निराश जनता अब सत्ता परिवर्तन का मन बना चुकी है और इससे कांग्रेस की वापसी तय दिख रही है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने भी दावा किया कि आने वाले दिनों में भाजपा के कई बड़े चेहरे पार्टी छोड़कर कांग्रेस में शामिल हो सकते हैं, जिससे चुनावी माहौल और गर्माने की संभावना है। कार्यक्रम में नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, कांग्रेस चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष और चकराता विधायक प्रीतम सिंह, चुनाव प्रचार अभियान समिति के अध्यक्ष हरक सिंह रावत और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष करण माहरा समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। यह घटनाक्रम चुनाव से पहले राज्य की राजनीति में नए समीकरण बनने के संकेत दे रहा है।

