ऋषिकेश। उत्तराखंड की धामी सरकार ने बुनियादी ढांचे (इन्फ्रास्ट्रक्चर) को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। केंद्र सरकार के सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने बहुप्रतीक्षित ऋषिकेश बाईपास के निर्माण हेतु ₹1105.79 करोड़ की तकनीकी और वित्तीय स्वीकृति प्रदान कर दी है। यह परियोजना न केवल ऋषिकेश शहर को जाम के झाम से निजात दिलाएगी, बल्कि चारधाम यात्रा को भी नई गति प्रदान करेगी।
परियोजना की मुख्य विशेषताएं
-
कुल लागत: ₹1105.79 करोड़ (केंद्र द्वारा स्वीकृत)।
-
लंबाई: 12.67 किलोमीटर।
-
लेन: 4-लेन चौड़ीकरण।
-
रूट: यह बाईपास तीनपानी फ्लाईओवर से खारा स्रोत पुल तक बनेगा, जो मुख्य रूप से भट्टोवाला और ढालवाला क्षेत्रों से होकर गुजरेगा।
-
निर्माण तकनीक: इसे EPC (Engineering, Procurement, and Construction) मोड पर तैयार किया जाएगा।
-
समय सीमा: परियोजना को पूरा करने के लिए 3 वर्ष का लक्ष्य रखा गया है।
चारधाम यात्रा के लिए ‘गेम चेंजर’
ऋषिकेश को चारधाम का प्रवेश द्वार माना जाता है। वर्तमान में, यात्रा सीजन के दौरान शहर के भीतर भारी ट्रैफिक की समस्या रहती है, जिससे यात्रियों और स्थानीय निवासियों दोनों को परेशानी होती है। इस बाईपास के बनने से यात्री बिना शहर के भीतर फंसे सीधे अपने गंतव्य की ओर जा सकेंगे, जिससे सफर सुगम और सुरक्षित होगा।
“यह परियोजना उत्तराखंड के समग्र विकास और बेहतर कनेक्टिविटी की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। ऋषिकेश में यातायात का दबाव कम होने से स्थानीय लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।” — प्रेमचंद अग्रवाल, विधायक एवं कैबिनेट मंत्री
क्षेत्र में खुशी की लहर
वित्तीय स्वीकृति की खबर मिलते ही स्थानीय निवासियों और व्यापारियों में भारी उत्साह देखा गया। विधायक प्रेमचंद अग्रवाल का श्यामपुर में स्थानीय लोगों द्वारा गर्मजोशी से स्वागत और अभिनंदन किया गया। क्षेत्रवासियों का मानना है कि इस बाईपास के निर्माण से न केवल पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि आसपास के क्षेत्रों के विकास के नए द्वार भी खुलेंगे।

