ऋषिकेश || 6 April 2026 ||
योगनगरी ऋषिकेश के गौरवशाली इतिहास में आज का दिन स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज हो गया है। उत्तराखंड में आधुनिक परिवहन और ‘हाई-एंड टूरिज्म’ को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के उद्देश्य से ऋषिकेश के पशुलोक बैराज पर सी-प्लेन का बहुप्रतीक्षित ट्रायल सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
शाम करीब 6 बजे विशेषज्ञों की कड़ी निगरानी में 19 सीटर सी-प्लेन ने गंगा के शांत जल पर न केवल सुरक्षित लैंडिंग की, बल्कि कुछ ही देर बाद सफलतापूर्वक उड़ान भरकर अपनी तकनीकी सक्षमता का लोहा मनवाया।
पर्यटन के क्षेत्र में खुलेगी नई राहें
ऋषिकेश पहले से ही राफ्टिंग, बंजी जंपिंग और एडवेंचर स्पोर्ट्स के लिए विश्व विख्यात है। अब सी-प्लेन सेवा इस सूची में एक नया और रोमांचक अध्याय जोड़ने जा रही है।
- कनेक्टिविटी: टिहरी बांध झील के बाद अब ऋषिकेश में इस परीक्षण की सफलता ने प्रदेश के अन्य जलाशयों और नदियों को हवाई मार्ग से जोड़ने का रास्ता साफ कर दिया है।
- विशेषता: सी-प्लेन एक ऐसा विमान है जो पानी और जमीन दोनों जगह उतर सकता है। इसे उड़ान भरने के लिए मात्र 300 से 500 मीटर के जलाशय की आवश्यकता होती है।
ट्रायल की मुख्य बातें
विशेषज्ञों के दल ने न केवल बैराज जलाशय में दो बार सफल लैंडिंग और टेक-ऑफ किया, बल्कि पूरे बैराज क्षेत्र और चीला नहर की गहन रेकी भी की। प्रबंध निदेशक अजय कुमार सिंह ने इस उपलब्धि पर हर्ष व्यक्त करते हुए कहा:
“यह सफल ट्रायल उत्तराखंड को अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर एक विशिष्ट पहचान दिलाएगा। यह सेवा न केवल पर्यटन को बढ़ावा देगी, बल्कि आपातकालीन स्थितियों में राहत और बचाव कार्यों (SDRF/NDRF) के लिए भी एक मील का पत्थर साबित होगी।”
स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगा बूस्ट
सी-प्लेन सेवा शुरू होने से देश-विदेश के पर्यटकों के लिए यात्रा न केवल तेज होगी, बल्कि यह एक लग्जरी अनुभव भी प्रदान करेगी। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
संक्षेप में सी-प्लेन की खूबियां:
| विशेषता | विवरण |
| क्षमता | 12 से 19 सीटें |
| लैंडिंग/टेक-ऑफ | पानी और जमीन दोनों पर सक्षम |
| आवश्यक दूरी | 300-500 मीटर का जल क्षेत्र |
| उपयोग | पर्यटन, आपातकालीन सेवा, त्वरित परिवहन |
ऋषिकेश के लिए यह उपलब्धि परिवहन के क्षेत्र में एक नए युग की शुरुआत मानी जा रही है। अब वह दिन दूर नहीं जब पर्यटक सीधे गंगा की लहरों पर उतरकर हिमालय की वादियों का आनंद ले सकेंगे।

