देहरादून। उत्तराखंड की खेल मंत्री रेखा आर्या ने प्रदेश की खेल प्रतिभाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के उद्देश्य से कई बड़े निर्णय लिए हैं। सचिवालय में आयोजित खेल विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान उन्होंने घोषणा की कि राज्य में ‘एक जनपद एक खेल’ (One District One Sport) नीति का प्रारूप तैयार कर लिया गया है और इसे जल्द ही धरातल पर उतारा जाएगा।
हर जिले की होगी अपनी खेल पहचान
खेल मंत्री ने बताया कि इस नीति का मुख्य उद्देश्य प्रत्येक जिले में वहां की भौगोलिक परिस्थितियों और प्रतिभा के अनुसार एक विशिष्ट खेल को चिन्हित कर उसे बढ़ावा देना है। इससे न केवल स्थानीय खिलाड़ियों को बेहतर संसाधन मिलेंगे, बल्कि राज्य में खेलों का एक सुव्यवस्थित ढांचा भी तैयार होगा।
39वें राष्ट्रीय खेलों के लिए ‘मिशन मोड’ में विभाग
पूर्वोत्तर राज्यों में होने वाले 39वें राष्ट्रीय खेलों को लेकर खेल मंत्री ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं:
- 24 घंटे में कार्ययोजना: विभाग को अगले 24 घंटे के भीतर तैयारी की विस्तृत कार्ययोजना प्रस्तुत करने को कहा गया है।
- पदकों पर जोर: आगामी खेलों में उत्तराखंड के पदकों की संख्या बढ़ाने के लिए खिलाड़ियों को गहन प्रशिक्षण और खेल संघों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए गए हैं।
- उत्तराखंड में राष्ट्रीय चैंपियनशिप: राष्ट्रीय खेलों से पहले माहौल बनाने और खिलाड़ियों के अभ्यास के लिए राज्य में अधिक से अधिक राष्ट्रीय स्तर की चैंपियनशिप आयोजित करने की तैयारी है।
पूर्वोत्तर राज्यों की मदद का प्रस्ताव
बैठक में एक महत्वपूर्ण बिंदु यह भी रहा कि यदि पूर्वोत्तर राज्यों में शूटिंग या साइकिलिंग जैसे खेलों के लिए बुनियादी ढांचे की कमी है, तो उत्तराखंड उन्हें अपने यहां सुविधाएं और इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध कराने पर गंभीरता से विचार करेगा।
स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी की प्रगति की समीक्षा
खेल मंत्री ने हल्द्वानी के गौलापार में प्रस्तावित स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी की प्रगति की भी समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को इस प्रोजेक्ट में तेजी लाने के निर्देश दिए ताकि खिलाड़ियों को जल्द से जल्द उच्च स्तरीय खेल शिक्षा और प्रशिक्षण की सुविधा मिल सके।
बैठक में विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों सहित खेल संघों के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे। इस नई नीति और तैयारियों से उत्तराखंड के खेल जगत में एक नई ऊर्जा आने की उम्मीद जताई जा रही है।

