बदरीनाथ/ऋषिकेश: ग्रीष्मकाल के लिए भगवान बदरी विशाल के कपाट आज पूरे विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए हैं। कपाट खुलने के ऐतिहासिक क्षण का साक्षी बनने के लिए हजारों की संख्या में भक्त धाम पहुँचे। हालांकि, बढ़ती भीड़ और सुगम दर्शन सुनिश्चित करने के लिए मंदिर प्रशासन ने एक बड़ा निर्णय लिया है।
पीएम मोदी के नाम हुई पहली पूजा
परंपरानुसार, कपाट खुलने के पश्चात पहली ‘महाभिषेक’ पूजा देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम से संपन्न की गई। इस दौरान पूरा मंदिर परिसर ‘जय बदरी विशाल’ के जयघोष से गुंजायमान रहा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी इस पावन अवसर पर भगवान के दर्शन कर प्रदेश की खुशहाली की कामना की।
सामान्य दर्शनों को प्राथमिकता: विशेष पूजाएं स्थगित

बदरी-केदार मंदिर समिति (BKTC) ने भारी भीड़ के प्रबंधन को देखते हुए एक महत्वपूर्ण घोषणा की है। बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी का कहना है कि सभी सामान्य तरीके से मंदिरों में दर्शन करेंगे। मंदिर समिति के पदाधिकारियों के अनुसार, बदरीनाथ और केदारनाथ दोनों ही धामों में फिलहाल विशेष पूजाओं (VIP Puja) पर रोक लगा दी गई है।
- समान व्यवस्था: मंदिर समिति के अध्यक्ष का कहना है कि अब सभी श्रद्धालु केवल सामान्य तरीके से ही कतारबद्ध होकर दर्शन करेंगे।
- उद्देश्य: इस निर्णय का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कतार में खड़े अंतिम व्यक्ति को भी भगवान के दर्शन सुगमता से हो सकें और वीआईपी मूवमेंट के कारण आम भक्तों को घंटों इंतजार न करना पड़े।
श्रद्धालुओं के लिए निर्देश
मंदिर प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जब तक भीड़ की स्थिति सामान्य नहीं हो जाती, तब तक विशेष अभिषेक या व्यक्तिगत पूजाओं के लिए बुकिंग स्वीकार नहीं की जाएगी। प्रशासन ने भक्तों से धैर्य बनाए रखने और सुरक्षा नियमों का पालन करने की अपील की है।
सुरक्षा और सुविधा: धाम में कड़ाके की ठंड के बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बन रहा है। पुलिस और प्रशासन ने भीड़ नियंत्रण के लिए पूरे क्षेत्र में बैरिकेडिंग और वॉलिंटियर्स की तैनाती की है।

