ऋषिकेश। ऋषिकेश पुलिस ने एक बड़े संगठित रंगदारी गिरोह का पर्दाफाश करते हुए मुख्य साजिशकर्ता सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह एक स्थानीय कारोबारी को झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकी देकर 25 लाख रुपये की वसूली की कोशिश कर रहा था। पुलिस ने इनके पास से ₹1,83,500 की नकदी और महत्वपूर्ण डिजिटल साक्ष्य भी बरामद किए हैं।
झूठे मुकदमों का डर दिखाकर वसूली
मामले का खुलासा तब हुआ जब गंगानगर निवासी कारोबारी अतुल गुप्ता ने पुलिस में तहरीर दी। शिकायत के अनुसार, आरोपियों ने उन्हें हत्या के प्रयास और लूट जैसे संगीन मामलों में फंसाने की धमकी दी थी। गिरोह के मुख्य सरगना अनुज गोयल ने खुद की पुलिस में ऊंची पहुंच होने का दावा किया और मामला रफा-दफा करने के एवज में 25 लाख रुपये की मांग की। डर के मारे पीड़ित ने शुरुआत में 2 लाख रुपये दे दिए थे, लेकिन आरोपियों का लालच बढ़ता गया और वे लगातार शेष राशि के लिए दबाव बना रहे थे।
पुलिस की विशेष कार्रवाई
एसएसपी देहरादून के निर्देश पर गठित विशेष टीम ने तकनीकी जांच शुरू की। प्रभारी निरीक्षक कैलाश चंद्र भट्ट के नेतृत्व में टीम ने व्हाट्सएप चैट, कॉल रिकॉर्ड्स और अन्य साक्ष्यों को खंगाला। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को धर दबोचा:
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अनुज गोयल (निवासी भानियावाला, देहरादून) – मास्टरमाइंड
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शुभम चौहान (निवासी रानीपोखरी)
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आदित्य लोधी (निवासी डोईवाला)
डिजिटल साक्ष्य और नकदी बरामद
पुलिस ने आरोपी शुभम चौहान के घर से वसूली गई राशि के ₹1,83,500 नकद बरामद किए। इस पूरी बरामदगी की वीडियोग्राफी ‘ई-साक्ष्य’ ऐप के जरिए की गई है। मास्टरमाइंड अनुज गोयल के मोबाइल से धमकी भरे मैसेज और कॉल रिकॉर्ड मिले हैं, जिन्हें पुलिस ने महत्वपूर्ण सबूत के तौर पर केस में शामिल किया है।
पुलिस टीम की सराहना
इस जटिल केस को सुलझाने में व.उ.नि. भरत सिंह रावत और विवेचक विकसित पंवार की टीम ने मुख्य भूमिका निभाई। पुलिस का कहना है कि क्षेत्र में संगठित अपराध और रंगदारी करने वालों को कतई बख्शा नहीं जाएगा। सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश किया जा रहा है।

