देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट बैठक में ऊर्जा और ईंधन संरक्षण को लेकर कई क्रांतिकारी निर्णय लिए गए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिए गए ऊर्जा बचत के संदेश और वर्तमान में जारी पश्चिम एशिया संकट के वैश्विक प्रभावों को देखते हुए, प्रदेश सरकार ने राज्य में पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने के लिए सख्त कदम उठाने का संकल्प लिया है।
कैबिनेट द्वारा लिए गए प्रमुख निर्णयों का विवरण इस प्रकार है:
सप्ताह में एक दिन ‘नो व्हीकल डे’
ईंधन की खपत को नियंत्रित करने और पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य से प्रदेश में सप्ताह में एक दिन ‘नो व्हीकल डे’ घोषित किया गया है। इस दिन सार्वजनिक परिवहन के उपयोग को बढ़ावा दिया जाएगा, ताकि निजी और सरकारी वाहनों के कारण होने वाले ईंधन खर्च को न्यूनतम किया जा सके।
वीआईपी फ्लीट और सरकारी वाहनों पर सख्ती
सरकार ने फिजूलखर्ची रोकने के लिए अपने स्तर से पहल शुरू कर दी है:
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वाहनों की संख्या आधी: मुख्यमंत्री और मंत्रियों की फ्लीट में शामिल वाहनों की संख्या को तत्काल प्रभाव से आधा करने का निर्णय लिया गया है।
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पूलिंग व्यवस्था: जिन अधिकारियों के पास एक से अधिक विभागों की जिम्मेदारी है, वे अब अलग-अलग विभागों के लिए अलग गाड़ी का उपयोग नहीं कर पाएंगे। उन्हें केवल एक ही वाहन का इस्तेमाल करने के निर्देश दिए गए हैं।
वर्क फ्रॉम होम को प्रोत्साहन
यातायात और ईंधन के दबाव को कम करने के लिए सरकार ने सरकारी और निजी क्षेत्रों में ‘वर्क फ्रॉम होम’ की कार्यसंस्कृति को प्रोत्साहित करने की बात कही है। जिन कार्यों को घर से किया जा सकता है, उनके लिए कर्मचारियों को कार्यालय आने की बाध्यता में छूट दी जाएगी।
मुख्यमंत्री का संदेश: बैठक के दौरान यह स्पष्ट किया गया कि पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण आने वाले समय में ईंधन आपूर्ति और कीमतों पर असर पड़ सकता है। इसे देखते हुए राज्य सरकार ‘बचत ही ऊर्जा उत्पादन है’ के सिद्धांत पर काम कर रही है।

