ऋषिकेश: देवभूमि ऋषिकेश में मानवता की सेवा और अंगदान जैसे पुनीत कार्य को बढ़ावा देने के लिए नगर निगम ने एक अत्यंत संवेदनशील और सराहनीय निर्णय लिया है। नगर निगम बोर्ड की सर्वसम्मति से पारित इस योजना के तहत, अब नगर क्षेत्र के जिस भी नागरिक का मृत्यु के पश्चात ‘पूर्ण अंगदान’ किया जाएगा, उनके आश्रितों को निगम की ओर से स्मार्ट वेंडिंग जोन में एक कार्ट (रेहड़ी) निशुल्क उपलब्ध कराई जाएगी।
रघु पासवान के परिवार से होगी शुरुआत
इस मानवीय पहल की औपचारिक शुरुआत दिवंगत राजमिस्त्री रघु पासवान (42 वर्ष) के परिवार से की जा रही है। बिहार मूल के रघु ऋषिकेश में रहकर मेहनत-मजदूरी करते थे। जनवरी माह में उनके असामयिक निधन के बाद उनके परिजनों ने साहस दिखाते हुए उनके पूर्ण अंगदान कराए थे। उनके इस सर्वोच्च बलिदान का सम्मान करते हुए नगर निगम उनके परिवार को आर्थिक संबल प्रदान करने के लिए मुफ्त स्मार्ट कार्ट आवंटित करने जा रहा है।
योजना के मुख्य बिंदु:
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आर्थिक संबल: योजना का मुख्य उद्देश्य अंगदाता के परिवार के भरण-पोषण में सहायता करना है।
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स्मार्ट वेंडिंग जोन: शहर के विभिन्न मार्गों पर जल्द ही आधुनिक वेंडिंग जोन स्थापित किए जाएंगे, जहां ये कार्ट लगाई जाएंगी।
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पात्रता: यह योजना विशेष रूप से नगर निगम ऋषिकेश क्षेत्र के पंजीकृत निवासियों के लिए लागू होगी।
अधिकारियों का वक्तव्य
मेयर शंभू पासवान और नगर आयुक्त गोपाल राम बिनवाल ने संयुक्त रूप से बताया कि अंगदान के प्रति जागरूकता बढ़ाना और उस दुखद घड़ी में दाता के परिवार के साथ खड़ा होना निगम की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा, “अंगदान से न केवल किसी को नया जीवन मिलता है, बल्कि यह मानवता का सबसे बड़ा दान है। निगम का यह छोटा सा प्रयास प्रभावित परिवारों को आत्मनिर्भर बनाने में मदद करेगा।”
बढ़ती जागरूकता
ऋषिकेश एम्स (AIIMS) में अंगदान की अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होने के बाद से क्षेत्र में इस विषय पर जागरूकता तेजी से बढ़ी है। नगर निगम के इस फैसले की स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संस्थाओं ने भी जमकर सराहना की है, क्योंकि यह देश के उन चुनिंदा निकायों में शामिल हो गया है जो अंगदाताओं के परिवारों के लिए इस प्रकार की कल्याणकारी योजना लेकर आए हैं।

