ऋषिकेश / मुनि की रेती
ऋषिकेश और मुनि की रेती क्षेत्र में गंगा का रौद्र रूप और पर्यटकों की लापरवाही लगातार जानलेवा साबित हो रही है। शनिवार को गंगा नदी में डूबने से दो अलग-अलग दर्दनाक हादसे सामने आए। इन हादसों में से एक युवक का शव राज्य आपदा प्रतिवादन बल (SDRF) ने बरामद कर लिया है, जबकि दूसरे की तलाश के लिए सर्च ऑपरेशन लगातार जारी है। गौरतलब है कि पिछले महज एक सप्ताह के भीतर गंगा में डूबने की यह पांचवीं घटना है। इससे पहले भी एसडीआरएफ की टीम गंगा में डूबे एक किशोर सहित दो युवकों के शव बरामद कर चुकी है।
पहला हादसा: शिवपुरी के नमामि गंगे घाट पर बहा राजस्थान का युवक
शनिवार दोपहर को पहला हादसा थाना मुनिकीरेती क्षेत्र के अंतर्गत शिवपुरी स्थित नमामि गंगे घाट पर हुआ। राजस्थान के अलवर से अपने चार दोस्तों के साथ घूमने आया 24 वर्षीय वेद प्रकाश गंगा में नहा रहा था। नहाते समय अचानक उसका संतुलन बिगड़ा और वह गहरे पानी में चला गया। घाट पर मौजूद उसके दोस्तों ने उसे बचाने का हरसंभव प्रयास किया, लेकिन देखते ही देखते वह तेज लहरों के बीच ओझल हो गया।
घटना की सूचना मिलते ही एसडीआरएफ की टीम रेस्क्यू उपकरणों के साथ तुरंत मौके पर पहुंची। एसडीआरएफ के इंस्पेक्टर कविंद्र सजवाण ने बताया कि डीप डाइवर्स की मदद से गंगा में सघन सर्च अभियान चलाया जा रहा है। लापता युवक के परिजनों को भी घटना की सूचना दे दी गई है, हालांकि फिलहाल युवक का कुछ पता नहीं चल पाया है।
दूसरा हादसा: साईं घाट पर डूबा दिल्ली की बस का कंडक्टर, शव बरामद
वहीं, शनिवार शाम को दूसरा हादसा कोतवाली ऋषिकेश के अंतर्गत साईं घाट पर सामने आया। पलवल (हरियाणा) से यात्रियों को लेकर ऋषिकेश आई एक टूरिस्ट बस का कंडक्टर सोनू वर्मा (30 वर्ष), निवासी लाडो सराय, मालवीय नगर, नई दिल्ली, बस खड़ी करने के बाद ड्राइवर के साथ गंगा में नहाने गया था।
नहाने के दौरान अचानक पैर फिसलने या संतुलन बिगड़ने से सोनू गहरे पानी में समा गया। सूचना पर तत्काल कार्रवाई करते हुए एसडीआरएफ की रेस्क्यू टीम के डीप डाइवर अनूप सिंह और ओम प्रकाश ने करीब 15 से 20 फीट गहरे पानी में उतरकर बेहद जटिल सर्च ऑपरेशन चलाया। कड़ी मशक्कत के बाद टीम ने सोनू वर्मा का शव नदी से बाहर निकाला और उसे स्थानीय पुलिस के सुपुर्द कर दिया।
प्रशासन की अपील: न जाएं गहरे पानी में
लगातार बढ़ रहे इन हादसों को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और एसडीआरएफ ने एक बार फिर पर्यटकों और श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे गंगा के तेज बहाव को हल्के में न लें। अनजान घाटों और गहरे पानी में उतरना जानलेवा साबित हो सकता है। केवल सुरक्षित और चिन्हित घाटों पर ही स्नान करें।

