संवाददाता: अरविन्दर सिंह
देहरादून/सचिवालय
लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के एक कोचिंग सेंटर में हाल ही में हुए भीषण अग्निकांड के बाद शासन-प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। इस संवेदनशील घटना को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में एक उच्च स्तरीय बैठक बुलाई। बैठक में मुख्यमंत्री ने राज्य के सभी सार्वजनिक और व्यावसायिक भवनों की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की और अधिकारियों को सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए।
जन सुरक्षा सर्वोपरि: लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई
सचिवालय में आयोजित इस महत्वपूर्ण बैठक के दौरान मुख्यमंत्री धामी ने स्पष्ट किया कि आम जनता की सुरक्षा राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा:
”अग्नि सुरक्षा मानकों (Fire Safety Norms) के अनुपालन में किसी भी प्रकार की शिथिलता या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जो भी प्रतिष्ठान नियमों की अनदेखी करेंगे, उन पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।”
इन स्थानों का होगा व्यापक ‘फायर सेफ्टी ऑडिट’
मुख्यमंत्री ने प्रदेशभर के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे तुरंत एक व्यापक अभियान चलाकर निम्नलिखित स्थानों का गहन फायर सेफ्टी ऑडिट सुनिश्चित करें:
- शैक्षणिक संस्थान: सभी छोटे-बड़े कोचिंग सेंटर और स्कूल/कॉलेज।
- चिकित्सालय: प्रदेश के सभी सरकारी और निजी अस्पताल।
- व्यावसायिक स्थल: बड़े मॉल, होटल, रेस्टोरेंट और व्यावसायिक प्रतिष्ठान।
- सार्वजनिक भवन: अन्य सभी भवन जहाँ भारी संख्या में लोगों का आवागमन होता है।
सुरक्षा मानकों को परखने की तैयारी
इस निर्देश के बाद अब संबंधित विभाग और फायर ब्रिगेड की टीमें एक्टिव मोड में आ गई हैं। आने वाले दिनों में प्रदेशभर के कोचिंग सेंटरों और मॉल्स में आपातकालीन निकास (Emergency Exits), फायर एक्सटिंग्विशर (अग्निशामक यंत्र) की उपलब्धता और पानी की बौछारों (Sprinklers) जैसी व्यवस्थाओं की जमीनी स्तर पर जांच की जाएगी। सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि लखनऊ जैसी दुखद घटना की पुनरावृत्ति राज्य में कहीं भी न हो।

