नैनीताल/हल्द्वानी:
सुप्रीम कोर्ट के हालिया आदेश के बाद उत्तराखंड हाईकोर्ट को नैनीताल से हल्द्वानी शिफ्ट करने की स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो गई है। न्यायिक क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि हाईकोर्ट के विस्तार के लिए यह शिफ्टिंग एक मील का पत्थर साबित होगी। इस कदम से न केवल बुनियादी ढांचे का विकास होगा, बल्कि लंबे समय से चली आ रही जगह की किल्लत भी दूर होगी।
चेंबरों की कमी होगी दूर, आवासीय परिसर का होगा विकास
हल्द्वानी में हाईकोर्ट शिफ्ट होने से अधिवक्ताओं को बैठने और काम करने के लिए पर्याप्त चेंबर मिल सकेंगे। इसके साथ ही, हाईकोर्ट के न्यायाधीशों और स्टाफ के लिए आधुनिक आवासीय कॉलोनी विकसित करने का रास्ता भी साफ हो जाएगा। इस फैसले से राज्य के दूर-दराज के क्षेत्रों से पैरवी के लिए आने वाले अधिवक्ताओं के ठहरने के लिए भी बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी।
नैनीताल/हल्द्वानी:
सुप्रीम कोर्ट के हालिया आदेश के बाद उत्तराखंड हाईकोर्ट को नैनीताल से हल्द्वानी शिफ्ट करने की स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो गई है। न्यायिक क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि हाईकोर्ट के विस्तार के लिए यह शिफ्टिंग एक मील का पत्थर साबित होगी। इस कदम से न केवल बुनियादी ढांचे का विकास होगा, बल्कि लंबे समय से चली आ रही जगह की किल्लत भी दूर होगी।
चेंबरों की कमी होगी दूर, आवासीय परिसर का होगा विकास
हल्द्वानी में हाईकोर्ट शिफ्ट होने से अधिवक्ताओं को बैठने और काम करने के लिए पर्याप्त चेंबर मिल सकेंगे। इसके साथ ही, हाईकोर्ट के न्यायाधीशों और स्टाफ के लिए आधुनिक आवासीय कॉलोनी विकसित करने का रास्ता भी साफ हो जाएगा। इस फैसले से राज्य के दूर-दराज के क्षेत्रों से पैरवी के लिए आने वाले अधिवक्ताओं के ठहरने के लिए भी बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी।

