ऋषिकेश: ऋषिकेश के आईएसबीटी (ISBT) क्षेत्र में बीती रात लगभग 1 बजे एक दर्दनाक हादसा सामने आया है। 11 हजार वोल्ट की हाई-टेंशन विद्युत लाइन पर काम करने के दौरान 30 वर्षीय आउटसोर्स लाइनमैन प्रदीप कश्यप की करंट लगने से मौके पर ही मौत हो गई।
प्रत्यक्षदर्शियों और परिजनों के अनुसार, हादसे के बाद शव करीब 20 मिनट तक खंभे पर ही झुलसता रहा। सूचना मिलने पर पहुँची फायर ब्रिगेड की टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद शव को नीचे उतारा।
एम्स मोर्चरी के बाहर फूटा गुस्सा
घटना की खबर फैलते ही मृतक के परिजनों और स्थानीय निवासियों का गुस्सा फूट पड़ा। एम्स (AIIMS) ऋषिकेश स्थित मोर्चरी के बाहर एकत्र हुए परिजनों और दोस्तों ने उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (UPCL) के अधिकारियों व ठेकेदार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
मृतक के पिता हुकुम सिंह (निवासी: सर्वहारा नगर, काले की ढाल, ऋषिकेश) ने बिजली विभाग पर गंभीर आरोप लगाते हुए इसे हादसा नहीं बल्कि ‘हत्या’ करार दिया है। उन्होंने बताया कि इससे पहले भी उनके बेटे को दो बार काम के दौरान करंट लग चुका था, जिसके इलाज में लाखों रुपये खर्च हुए थे।
शटडाउन और सुरक्षा उपकरणों पर सवाल
मृतक के पिता ने आईएसबीटी पुलिस चौकी में दी गई अपनी लिखित शिकायत में आरोप लगाया है कि:
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11 हजार वोल्ट की हाई-टेंशन लाइन पर काम शुरू कराने से पहले नियमानुसार शटडाउन सुनिश्चित नहीं किया गया था।
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काम के दौरान कर्मचारी को आवश्यक सुरक्षा उपकरण और पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था मुहैया नहीं कराई गई थी।
पीड़ित परिवार ने एसडीओ (SDO), जेई (JE),लाइनमैन और ठेकेदार की भूमिका पर सवाल उठाते हुए मामले में निष्पक्ष जांच और गैर-इरादतन हत्या या हत्या की सुसंगत धाराओं में एफआईआर दर्ज करने की मांग की है।
यूपीसीएल कार्यालय का घेराव, मुआवजे की मांग
घटना के विरोध में परिजनों और स्थानीय निवासियों ने यूपीसीएल के शैल विहार स्थित कार्यालय पहुँचकर प्रदर्शन किया और विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए। प्रदर्शनकारियों का साफ कहना है कि जब तक दोषियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई नहीं होती और पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा नहीं मिलता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि बिजली विभाग में इस तरह के हादसे पहली बार नहीं हुए हैं। पूर्व में भी कई बार आउटसोर्स कर्मचारियों की जान जा चुकी है, लेकिन इसके बावजूद विभाग और ठेकेदार सुरक्षा मानकों को लेकर कोई सबक लेने को तैयार नहीं हैं।
फिलहाल, पुलिस ने परिजनों द्वारा दी गई तहरीर के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है।

