




ऋषिकेश / देहरादून
उत्तराखंड में साहसिक खेल (एडवेंचर स्पोर्ट्स) के शौकीनों और पर्यटन व्यवसाय से जुड़े लोगों के लिए बेहद राहत और उत्साह भरी खबर आई है। उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद (UTDB) ने राज्य की विभिन्न नदियों में रिवर राफ्टिंग और क्याकिंग (Kayaking) गतिविधियों के संचालन के लिए अस्थायी अनुमति प्रदान कर दी है।
पर्यटन विभाग द्वारा जारी आधिकारिक आदेश के अनुसार, उत्तराखंड रिवर राफ्टिंग क्याकिंग नियमावली-2014 के तहत वर्ष 2026-27 के लिए पंजीकृत राफ्टिंग फर्मों को यह सशर्त स्वीकृति दी गई है।
23 सितंबर से 45 दिनों की मिली अस्थायी अनुमति
जिन राफ्टिंग फर्मों ने अपनी अनुमति के नवीनीकरण (Renewal) हेतु आवेदन किया है, उन्हें आगामी 23 सितंबर 2026 से 45 दिनों की अवधि के लिए अस्थायी रूप से राफ्टिंग और क्याकिंग गतिविधियां शुरू करने की इजाजत दी गई है। पर्यटन विभाग के इस फैसले से मानसून के बाद एडवेंचर टूरिज्म के चालू सीजन को नई गति मिलने की उम्मीद है।
प्रदेश की इन 12 प्रमुख नदियों में हो सकेगा संचालन
पर्यटन विकास परिषद के आदेश के बाद राज्य की प्रमुख नदियों में एक बार फिर पर्यटकों की आवाजाही और राफ्ट्स की चहल-पहल देखने को मिलेगी। अब निम्नलिखित नदियों में राफ्टिंग का संचालन किया जा सकेगा:
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गंगा
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यमुना
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काली
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टोंस
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गोरी
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कोसी
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अलकनंदा
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पिंडर
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सरयू
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रामगंगा
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भागीरथी
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धौली गंगा
ऋषिकेश सहित प्रदेशभर में खुशी का माहौल
उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) धीराज सिंह गर्ब्याल द्वारा यह आदेश जारी किया गया है। आदेश आते ही एडवेंचर टूरिज्म की राजधानी माने जाने वाले ऋषिकेश सहित पूरे उत्तराखंड के राफ्टिंग संचालकों, गाइडों और स्थानीय व्यवसायियों में खुशी की लहर दौड़ गई है।
मानसून सत्र के दौरान सुरक्षा कारणों से नदियों में राफ्टिंग पर रोक लगा दी जाती है। अब अनुमति मिलने के बाद देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को उत्तराखंड की तेज-तर्रार नदियों की लहरों के बीच रोमांच का अनुभव करने का अवसर मिलेगा, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था और रोजगार को भी बड़ा बढ़ावा मिलेगा।

