




ऋषिकेश: एम्स किच्छा में नौकरी का सपना दिखाकर बेरोजगारों को चूना लगाने वाले एक जॉब सिंडिकेट का ऋषिकेश पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी महिला समेत पांच लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। आरोपियों के पास से ₹2 लाख की नकदी और एम/एस राजदीप एंटरप्राइज के लेटरहेड पर जारी एमटीएस (MTS) पद के दो फर्जी जॉइनिंग लेटर बरामद किए गए हैं।
मामले की जानकारी देते हुए सीओ तुषार बोरा ने बताया कि 15 सितंबर को एम्स ऋषिकेश की इंटेलिजेंस टीम ने बैराज रोड पर घेराबंदी कर ₹3.20 लाख की डील करते समय आरोपियों को रंगे हाथ पकड़ा था। मुकदमा दर्ज होने के बाद कोतवाली प्रभारी निरीक्षक यशपाल सिंह बिष्ट और चौकी प्रभारी देवेंद्र सिंह पंवार के नेतृत्व में जांच आगे बढ़ाई गई।
पूछताछ में खुले नेटवर्क के राज पुलिस की सख्त पूछताछ में गिरोह की परते खुलती चली गईं:
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दीपक गुसाईं ने कबूला कि उसने बेरोजगार युवाओं से मोटी रकम वसूली और उसमें से ₹2.40 लाख शिवा सिंह नाम के व्यक्ति को ट्रांसफर किए।
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सुब्रत ने खुलासा किया कि उसने खुद भी पैसे दिए थे और कई अन्य अभ्यर्थियों को शिवा सिंह व राजदीप एंटरप्राइज के मैनेजर विनायक से मिलवाकर फर्जी जॉइनिंग लेटर दिलवाए।
मास्टरमाइंड की तलाश तेज पुलिस अब इस रैकेट के मुख्य मास्टरमाइंड शिवा सिंह और मैनेजर विनायक की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही इस नेटवर्क से जुड़े अन्य चेहरों को भी बेनकाब किया जाएगा।
गिरफ्तार आरोपियों की सूची:
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दीपना मंडल (मुख्य महिला आरोपी)
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दीपांशु मंडल
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सुब्रत बछाड़ (निवासी: सितारगंज)
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गणेश (निवासी: नानकमत्ता)
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दीपक गुसाईं (निवासी: ऋषिकेश)
सभी गिरफ्तार आरोपियों को अदालत में पेश कर जेल भेजने की कार्रवाई की जा रही है।

