ऋषिकेश: आगामी महाकुंभ 2027 को सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने के लिए प्रशासन ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी कड़ी में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने ऋषिकेश के प्रसिद्ध लक्ष्मणझूला क्षेत्र का विस्तृत निरीक्षण किया। इस दौरे का मुख्य उद्देश्य देश-विदेश से आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना तथा पुलिस व प्रशासनिक व्यवस्थाओं का खाका तैयार करना था।
30 हजार पुलिसकर्मी रहेंगे तैनात, मूलभूत सुविधाओं की समीक्षा
अधिकारियों के अनुसार, महाकुंभ के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद रखने के लिए लगभग 30 हजार पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी। इस विशाल सुरक्षा बल में उत्तराखंड पुलिस के साथ-साथ केंद्रीय अर्धसैनिक बल (पैरामिलिट्री फोर्सेज) और अन्य राज्यों के पुलिस जवान भी शामिल होंगे। निरीक्षण के दौरान इतनी बड़ी संख्या में जुटने वाले बल के ठहरने, कैंपिंग, पेयजल और शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाओं के लिए प्रस्तावित जगहों का जायजा लिया गया। इसके साथ ही क्षेत्र में अस्थायी पुलिस थाने, फायर स्टेशन और कंट्रोल रूम स्थापित करने के लिए भी जमीन और स्थानों को चिन्हित किया गया।
सीसीटीवी और पीए सिस्टम से होगी निगरानी
मेले के दौरान भीड़ नियंत्रण और आपातकालीन स्थितियों से निपटने के लिए आधुनिक तकनीक का सहारा लिया जाएगा। अधिकारियों ने बताया कि सभी प्रमुख स्नान घाटों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में सीसीटीवी कैमरे और पब्लिक एड्रेस (पीए) सिस्टम लगाए जाएंगे। सीसीटीवी कैमरों की मदद से हर गतिविधि पर पैनी नजर रखी जाएगी, ताकि किसी भी अप्रिय घटना या आपात स्थिति में तुरंत एक्शन लिया जा सके। वहीं, पीए सिस्टम के जरिए श्रद्धालुओं को सुरक्षा अलर्ट और जरूरी दिशा-निर्देश दिए जाते रहेंगे।
घाटों पर सुरक्षा चेन और दुर्घटना रोकने के इंतजाम गंगा घाटों पर स्नान के दौरान होने वाले हादसों को रोकने के लिए भी सख्त निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों ने जल पुलिस और संबंधित विभागों को घाटों पर सुरक्षा चेन लगाने और डूबने जैसी दुर्घटनाओं को रोकने के लिए पुख्ता इंतजाम करने के लिए कहा है।
अधिकारियों ने साफ किया कि महाकुंभ 2027 में आने वाले हर श्रद्धालु को एक सुरक्षित, सुगम और शांतिपूर्ण माहौल देना प्रशासन की सबसे बड़ी प्राथमिकता है और सभी विभागों को आपसी तालमेल के साथ समय पर तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।

