




ऋषिकेश: दिल्ली-एनसीआर सहित पूरे उत्तर भारत और उत्तराखंड में इन दिनों भीषण गर्मी का प्रकोप जारी है। इस जानलेवा गर्मी और चिलचिलाती धूप से राहत पाने के लिए स्थानीय निवासियों के साथ-साथ भारी संख्या में पर्यटक उत्तराखंड के प्राकृतिक जल स्रोतों और पतित पावनी गंगा की ओर रुख कर रहे हैं।
योग नगरी ऋषिकेश के तमाम गंगा घाटों पर सुबह से लेकर देर रात तक श्रद्धालुओं और पर्यटकों का तांता लगा हुआ है। लोग गर्मी से बचने के लिए गंगा में डुबकी लगाते नजर आ रहे हैं। हालात यह हैं कि लोग किसी भी कीमत पर नदियों और ठंडे इलाकों तक पहुंचने की चाह रख रहे हैं।
वीकेंड पर उमड़ा जनसैलाब, लगा भीषण ट्रैफिक जाम
वीकेंड और छुट्टियों के चलते ऋषिकेश में अचानक पर्यटकों की आमद बेहद बढ़ गई है। पर्यटकों की इस भारी संख्या और उनके वाहनों के अत्यधिक दबाव के कारण ऋषिकेश के प्रमुख मार्गों पर भीषण ट्रैफिक जाम की स्थिति पैदा हो गई है। सड़कों पर वाहनों की लंबी कतारों के कारण स्थानीय प्रशासन और राहगीरों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
प्री-मानसून की बेरुखी ने बिगाड़े हालात
मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, इस साल गर्मी के विकराल रूप धारण करने की एक बड़ी वजह प्री-मानसून बारिश का न होना है। अमूमन हर साल मानसून के आगमन से पहले उत्तराखंड के निचले इलाकों में प्री-मानसून की बौछारें पड़ती थीं, जिससे तापमान नियंत्रित रहता था। लेकिन इस बार प्री-मानसून की बेरुखी के कारण मैदानी और निचले पहाड़ी इलाकों में हालात काफी बिगड़ गए हैं और लोग उमस व तपिश से बेहाल हैं।
जानें कब मिलेगी राहत?
मौसम विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, सामान्य तौर पर उत्तराखंड में मानसून 20 से 25 जून के बीच दस्तक दे देता है, लेकिन इस वर्ष मानसून अपने तय समय से लगभग एक सप्ताह की देरी से चल रहा है।
मौसम विभाग का अनुमान: राहत की बात यह है कि अगले दो से तीन दिनों के भीतर मानसून उत्तराखंड में दस्तक दे सकता है। हालांकि, जब तक मानसून पूरी तरह सक्रिय नहीं होता, तब तक इस भीषण गर्मी से खास राहत मिलने की उम्मीद कम ही है। मानसून के आते ही प्रदेशवासियों को इस चिलचिलाती गर्मी से बड़ी राहत मिलेगी।
प्रशासन की अपील
बढ़ती भीड़ और जाम की स्थिति को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने पर्यटकों और स्थानीय लोगों से विशेष अपील की है। प्रशासन ने कहा है कि लोग गंगा घाटों पर सुरक्षित तरीके से स्नान करें और यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए ट्रैफिक नियमों का कड़ाई से पालन कर सहयोग दें।

