




ऋषिकेश (मुनिकीरेती) | समाचार डेस्क
मुनिकीरेती क्षेत्र के खारास्रोत इलाके में एक भीषण अग्निकांड का मामला सामने आया है। एक स्थानीय ढाबे में गैस रिसाव के कारण लगी अचानक आग में ढाबा संचालक और उनकी पत्नी बुरी तरह झुलस गए। दोनों की नाजुक हालत को देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें हायर सेंटर रेफर कर दिया गया है।
कैसे हुआ हादसा?
मिली जानकारी के अनुसार, हादसा उस वक्त हुआ जब खारास्रोत निवासी 50 वर्षीय प्रमोद अपने ढाबे में गैस सिलेंडर को भट्टी से जोड़ रहे थे। सिलेंडर बदलते समय अचानक गैस का रिसाव (Leakage) शुरू हो गया। पास में ही दूसरी भट्टी जल रही थी, जिसके संपर्क में आते ही गैस ने विकराल रूप धारण कर लिया और देखते ही देखते पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया।
इस दुर्घटना में प्रमोद और उनकी 30 वर्षीय पत्नी निविता आग की लपटों में घिर गए। घटना के तुरंत बाद स्थानीय लोगों और दमकल विभाग की मदद से आग पर काबू पाया गया और घायलों को सरकारी अस्पताल ले जाया गया।
चिकित्सकों के अनुसार झुलसने का विवरण निम्न प्रकार है:
| घायल का नाम | आयु | झुलसने का प्रतिशत | स्थिति |
| निविता | 30 वर्ष | लगभग 45% | गंभीर (रेफर) |
| प्रमोद | 50 वर्ष | लगभग 30% | गंभीर (रेफर) |
अस्पताल के डॉक्टरों ने बताया कि दोनों की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है, जिसके कारण उन्हें बेहतर इलाज के लिए हायर सेंटर (उच्च चिकित्सा केंद्र) भेज दिया गया है।
“सिलेंडर बदलते समय रिसाव होना और पास में खुली लौ (Open Flame) का होना इस हादसे का मुख्य कारण बना। पुलिस और दमकल विभाग ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया।” — स्थानीय प्रशासन
प्रशासन की अपील
घटना के बाद प्रशासन ने व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और आम जनता से अपील की है कि गैस सिलेंडर का उपयोग करते समय अत्यधिक सावधानी बरतें। विशेषकर:
-
सिलेंडर बदलते समय आसपास कोई भी जलती हुई भट्टी या दीया न रखें।
-
रेगुलेटर और पाइप की समय-समय पर जांच करवाते रहें।
-
गैस की गंध आने पर तुरंत बिजली के स्विच और आग के स्रोतों को बंद कर दें।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है ताकि सुरक्षा मानकों की अनदेखी के पहलुओं को स्पष्ट किया जा सके।

