बदरीनाथ (उत्तराखंड) आज पावन पुनर्वसु नक्षत्र और सर्वार्थ सिद्धि योग के दिव्य संयोग के बीच, सुबह 6:15 बजे जय बदरी-विशाल के जयघोष के साथ भगवान बदरीनाथ धाम के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। वैदिक मंत्रोच्चार और सेना के बैंड की मधुर धुनों के बीच हुए इस भव्य उद्घाटन के साथ ही वर्ष 2026 की चारधाम यात्रा ने अब पूर्णता प्राप्त कर ली है।

प्रधानमंत्री के नाम से हुई पहली महाभिषेक पूजा
कपाट खुलने के इस पावन अवसर पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी स्वयं मौजूद रहे। उन्होंने मंदिर परिसर में पहुंचकर देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम से पहली महाभिषेक पूजा संपन्न की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने भगवान बदरी विशाल से देश और प्रदेश की सुख-समृद्धि, खुशहाली और जनकल्याण की कामना की।
भक्तिमय वातावरण और श्रद्धालुओं का हुजूम

कपाट खुलने के साक्षी बनने के लिए हजारों की संख्या में श्रद्धालु कड़ाके की ठंड के बावजूद तड़के से ही कतारों में खड़े रहे। मंदिर को क्विंटल फूलों से भव्य रूप में सजाया गया था, जो श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहा।
मुख्य बिंदु:
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शुभ मुहूर्त: सुबह 6:15 बजे, गुरुवार।
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विशेष योग: पुनर्वसु नक्षत्र एवं सर्वार्थ सिद्धि योग।
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प्रथम पूजा: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम से मुख्यमंत्री द्वारा संपन्न।
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महत्व: बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने के साथ ही चारों धाम (गंगोत्री, यमुनोत्री, केदारनाथ और बदरीनाथ) की यात्रा विधिवत रूप से शुरू हो चुकी है।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर सभी तीर्थयात्रियों का स्वागत करते हुए कहा कि राज्य सरकार सुरक्षित और सुगम चारधाम यात्रा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। कपाट खुलने के बाद अब आगामी छह माह तक श्रद्धालु यहीं भगवान विष्णु के इस पावन स्वरूप के दर्शन कर सकेंगे।

