देहरादून/ऋषिकेश: उत्तराखंड में मॉनसून की रफ्तार तेज होने के साथ ही जनजीवन पूरी तरह पटरी से उतर गया है। रविवार को राज्य के विभिन्न हिस्सों में चट्टानों से मलबा और बोल्डर गिरने के कारण 103 से अधिक सड़कें बंद हो गईं, जिससे हजारों यात्रियों और स्थानीय लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। मौसम विभाग की ओर से जारी भारी बारिश की चेतावनी को देखते हुए प्रशासन ने ऐहतियात के तौर पर राज्य के सात प्रभावित जिलों में सोमवार (20 जुलाई) को स्कूलों में अवकाश घोषित कर दिया है।
तीन जिलों में अत्यंत भारी बारिश का ‘रेड अलर्ट’
मौसम विज्ञान केंद्र (IMD) ने सोमवार के लिए राज्य में अलर्ट का स्तर बढ़ा दिया है।
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रेड अलर्ट: देहरादून, टिहरी और हरिद्वार जिलों में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी और कहीं-कहीं अत्यंत भारी बारिश की आशंका जताते हुए रेड अलर्ट जारी किया गया है।
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ऑरेंज/येलो अलर्ट: नैनीताल, चंपावत, ऊधमसिंह नगर, उत्तरकाशी और पौड़ी गढ़वाल में भी भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।
यात्रियों के लिए विशेष अपील: पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रहे भूस्खलन और सड़कों पर बोल्डर गिरने की घटनाओं को देखते हुए प्रशासन ने आम जनता और तीर्थयात्रियों से अपील की है कि वे बेहद जरूरी होने पर ही यात्रा करें और नदी-नालों के आसपास जाने से बचें।
प्रमुख मार्ग बाधित, खोलने के प्रयास जारी
रविवार को हुई बारिश के कारण चारधाम यात्रा रूट समेत कई राज्य मार्ग और ग्रामीण सड़कें मलबे की चपेट में आ गईं। लोक निर्माण विभाग (PWD) और आपदा प्रबंधन की टीमें जेसीबी मशीनों के साथ बंद सड़कों को साफ करने में जुटी हैं, लेकिन लगातार गिर रहे मलबे के कारण काम में रुकावट आ रही है।

