




ऋषिकेश। तीर्थनगरी को नशामुक्त बनाने के अभियान में ऋषिकेश कोतवाली पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने आस्था पथ के समीप चेकिंग के दौरान एक नशा तस्कर को रंगे हाथों गिरफ्तार कर उसके कब्जे से भारी मात्रा में हेरोइन (स्मैक) बरामद की है। आरोपी को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है।
चेकिंग के दौरान पकड़ा गया आरोपी
कोतवाल कैलाश चंद्र भट्ट ने बताया कि पुलिस टीम क्षेत्र में नियमित गश्त और संदिग्धों की तलाशी ले रही थी। इसी दौरान आस्था पथ स्थित सीवर ट्रीटमेंट प्लांट (STP) के पास एक युवक संदिग्ध अवस्था में घूमता दिखाई दिया। पुलिस ने जब उसे रोककर तलाशी ली, तो उसकी दाहिने हाथ की मुट्ठी में छिपाई गई एक पन्नी बरामद हुई। जांच करने पर उसमें 10.40 ग्राम अवैध हेरोइन (स्मैक) पाई गई।
पूछताछ में हुए चौंकाने वाले खुलासे
पुलिस हिरासत में लिए गए आरोपी की पहचान भोला निवासी चंद्रेश्वर नगर, ऋषिकेश के रूप में हुई है। पूछताछ में भोला ने अपना जुर्म कबूल करते हुए बताया कि:
- वह सपेरा बस्ती (काले की ढाल) निवासी जीत पुत्र जयराज से कम दाम में स्मैक खरीदता है।
- इसके बाद वह इसकी छोटी-छोटी पुड़िया बनाकर गंगा घाटों पर घूमने वाले मजदूरों, स्थानीय लड़कों और बाबाओं को ऊंचे दामों पर बेचता है।
- आरोपी ने स्वीकार किया कि अधिक पैसे कमाने के लालच में उसने अपराध की इस दुनिया में कदम रखा।
मुख्य सप्लायर की तलाश तेज
एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल ने इस सफल कार्रवाई के लिए त्रिवेणी घाट चौकी प्रभारी विनेश कुमार और उनकी टीम की पीठ थपथपाई है। एसएसपी ने स्पष्ट संदेश दिया है कि ऋषिकेश में नशे के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। पुलिस अब आरोपी भोला के पुराने आपराधिक इतिहास को खंगाल रही है और मुख्य सप्लायर ‘जीत’ की गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही है।
पुलिस टीम: त्रिवेणी घाट चौकी प्रभारी विनेश कुमार एवं अन्य पुलिसकर्मी।

