





ऋषिकेश के रेलवे स्टेशन रोड स्थित होटल गंगा इन पर आखिरकार MDDA की बड़ी कार्रवाई हुई है। 16 वर्षीय नाबालिग से दुष्कर्म के मामले के बाद प्राधिकरण की टीम ने होटल को अवैध निर्माण के चलते सील कर दिया।
MDDA के मुताबिक रेलवे स्टेशन और PWD कार्यालय के पीछे स्थित होटल में बिना स्वीकृत मानचित्र के निर्माण किया गया था। प्राधिकरण ने पहले ही 20 दिसंबर 2024 को संपत्ति सील करने के आदेश दिए थे, लेकिन पर्याप्त पुलिस बल नहीं मिलने के कारण कार्रवाई अटक गई थी।
बाद में भवन स्वामी ने कंपाउंडिंग कराई, लेकिन आरोप है कि मौके पर होटल का संचालन स्वीकृत नक्शे के विपरीत जारी रहा।
इसी होटल में हाल ही में 16 वर्षीय नाबालिग से दुष्कर्म की सनसनीखेज घटना सामने आई। जांच में होटल प्रबंधन की गंभीर लापरवाही भी सामने आई—बिना आईडी, बिना रजिस्टर एंट्री के नाबालिग को कमरे में जाने दिया गया और घटना के दौरान CCTV कैमरे बंद मिले।

घटना के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिला और होटल में तोड़फोड़ तक हुई।
मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी सुफियान, होटल मैनेजर वैभव गुप्ता और ऑपरेटर राहुल अग्रवाल को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। वहीं पुलिस की रिपोर्ट के आधार पर सराय एक्ट के तहत होटल का लाइसेंस निरस्त करने की संस्तुति भी भेजी जा चुकी है।
MDDA अधिकारी अभिषेक भारद्वाज ने 5 सितंबर को कार्रवाई के लिए ऋषिकेश पुलिस क्षेत्राधिकारी से पर्याप्त पुलिस बल मांगा। पुलिस बल मिलते ही MDDA की टीम होटल पहुंची और होटल को सील कर दिया।
अब बड़ा सवाल यह है कि जब होटल के खिलाफ कार्रवाई का आदेश करीब दो साल पहले जारी हो चुका था, तो इतने लंबे समय तक कार्रवाई क्यों अटकी रही? और अगर होटल में नियमों की इतनी गंभीर अनदेखी हो रही थी, तो संबंधित विभागों की निगरानी आखिर कहां थी?

