




ऋषिकेश। श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) की महत्वपूर्ण बोर्ड बैठक ऋषिकेश स्थित ट्रांजिट कैंप कार्यालय सभागार में अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी की अध्यक्षता में संपन्न हुई। इस बैठक के दौरान चारधाम यात्रा की व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई और कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।
बैठक को संबोधित करते हुए बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज के दिशा-निर्देशों में वर्ष 2026 की चारधाम यात्रा ऐतिहासिक रही है। उन्होंने आंकड़ों की जानकारी देते हुए बताया कि अब तक हेमकुंड साहिब सहित चारधाम यात्रा के लिए 60 लाख से अधिक श्रद्धालुओं का पंजीकरण दर्ज किया जा चुका है।
अध्यक्ष ने बताया कि इस यात्रा काल के दौरान बदरीनाथ धाम में 17,22,908 और केदारनाथ धाम में 14,92,047 श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। दोनों प्रमुख धामों से समिति को 76 करोड़ रुपये से अधिक की आय प्राप्त हुई है। पिछले वर्ष की तुलना में इस बार श्रद्धालुओं की संख्या में 20 प्रतिशत की उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
द्वितीय चरण की तैयारियां और महत्वपूर्ण निर्णय:
बैठक में आगामी व्यवस्थाओं और मंदिर प्रबंधन को लेकर कई बड़े निर्णय लिए गए:
-
सुरक्षा व्यवस्था: बदरीनाथ और केदारनाथ, दोनों धामों में सीसीटीवी कैमरों की सुरक्षा को और अधिक पुख्ता किया जाएगा।
-
जीर्णोद्धार कार्य: श्री ओंकारेश्वर मंदिर के द्वितीय चरण के जीर्णोद्धार और श्री तुंगनाथ मंदिर के नवीनीकरण कार्य को मंजूरी दी गई।
-
वेडिंग डेस्टिनेशन: श्री त्रिजुगीनारायण मंदिर को एक प्रमुख वेडिंग डेस्टिनेशन (विवाह स्थल) के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया गया।
-
पारदर्शिता और डिजिटलाइजेशन: मंदिरों में चढ़ावे की गणना को अधिक पारदर्शी बनाने और समिति की वेबसाइट के आधुनिकीकरण पर सहमति बनी।
-
श्रद्धांजलि व नामकरण: समिति के दिवंगत सदस्य श्रीनिवास पोस्ती की स्मृति में गुप्तकाशी स्थित संस्कृत महाविद्यालय का नाम उनके नाम पर रखने का निर्णय लिया गया।

