




हरिद्वार, 07 सितंबर 2026 — कुंभ मेला-2027 के निर्माण और सौंदर्यीकरण कार्यों को समयसीमा के भीतर उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा करने के लिए मेला प्रशासन ने निगरानी व्यवस्था कड़ी कर दी है। मेलाधिकारी श्रीमती सोनिका ने कुंभ क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सभी जिलों के लगभग डेढ़ दर्जन जिला स्तरीय अधिकारियों और उप जिलाधिकारियों (SDM) को विभिन्न सेक्टरों में चल रही परियोजनाओं के अनुश्रवण (मॉनिटरिंग) की जिम्मेदारी सौंपी है।
सोमवार को नामित अधिकारियों के साथ आयोजित एक वीडियो कांफ्रेंसिंग बैठक में मेलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में चल रहे निर्माण कार्यों का नियमित रूप से स्थलीय निरीक्षण करेंगे और हर सप्ताह प्रगति व गुणवत्ता की रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे।
निर्माण कार्यों में हीलाहवाली बर्दाश्त नहीं बैठक में मेलाधिकारी सोनिका ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि कुंभ मेला से जुड़े कार्यों में किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने निर्देश दिए कि:
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वर्षाकाल के बाद शुरू होने वाली परियोजनाओं की तैयारियां अभी से पूरी रखी जाएं।
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गंगनहर के क्लोजर के दौरान प्रस्तावित घाटों के निर्माण व मरम्मत कार्यों के लिए संबंधित विभाग समय से तैयारी कर लें।
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सड़कों, चौराहों और फुटपाथों के सुधार कार्यों के दौरान स्थानीय नागरिकों और जनप्रतिनिधियों से संवाद कर उनके व्यावहारिक सुझावों को कार्ययोजना में शामिल किया जाए।
32 सेक्टरों में बंटा है पूरा कुंभ क्षेत्र
कुंभ क्षेत्र में हरिद्वार के साथ-साथ देहरादून, पौड़ी गढ़वाल और टिहरी गढ़वाल के इलाके शामिल हैं, जिन्हें कुल 32 सेक्टरों में विभाजित किया गया है। इन्हीं सेक्टरों के आधार पर अधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई है।
मेलाधिकारी ने घाटों, पुलों जैसी बड़ी परियोजनाओं पर विशेष ध्यान देने, शिविर स्थलों के लिए भूमि की ड्रेसिंग-लेवलिंग का काम तत्काल शुरू करने और पौधारोपण तथा सौंदर्यीकरण की स्थिति पर रिपोर्ट देने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वह स्वयं और वरिष्ठ अधिकारी भी निर्माण स्थलों का निरीक्षण करेंगे और धीमी प्रगति वाले कार्यों पर संयुक्त निरीक्षण कर त्वरित निर्णय लिए जाएंगे।
बैठक में मौजूद वरिष्ठ अधिकारी
इस उच्चस्तरीय बैठक में नगर आयुक्त नंदन कुमार, अपर मेलाधिकारी दयानंद सरस्वती, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) वैभव गुप्ता, सचिव एचआरडीए प्रत्यूष कुमार, नगर मजिस्ट्रेट हरि गिरी, उप मेलाधिकारी मनजीत सिंह, एसडीएम हरिद्वार यागेश मेहरा, एसडीएम ऋषिकेश कुमकुम जोशी, एसडीएम यमकेश्वर चतर सिंह चौहान, एसडीएम रुड़की देवेंद्र नेगी, जिला पंचायत राज अधिकारी एमएम खान, उप प्रभागीय वनाधिकारी पूनम कैंथोला, डीडीओ के.के. पंत और मुख्य अग्निशमन अधिकारी वंश बहादुर यादव सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

