




हरिद्वार: कुंभ मेला-2027 की तैयारियों को लेकर मेला प्रशासन ने धरातल पर विकास कार्यों को गति देने के साथ-साथ स्थानीय जनता, जनप्रतिनिधियों और व्यापारियों के सुझावों के अनुरूप योजनाओं को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। मंगलवार (8 सितंबर 2026) को मेलाधिकारी श्रीमती सोनिका ने अधिकारियों के साथ शंकर आश्रम चौक से ज्वालापुर रेलवे स्टेशन और जटवाड़ा पुल क्षेत्र तक व्यापक स्थलीय निरीक्षण किया और चल रहे विकास कार्यों की प्रगति का जायजा लिया।

निरीक्षण के दौरान मेलाधिकारी ने स्थानीय व्यापारियों और आम नागरिकों से सीधा संवाद कर उनकी समस्याओं और सुझावों को सुना। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि निर्माण एवं सौंदर्यीकरण कार्यों में जनसुविधाओं और स्थानीय मांगों को प्राथमिकता दी जाए।
निरीक्षण और लिए गए प्रमुख निर्णय:
-
यातायात और सड़क सुधार: स्थानीय लोगों की मांग को ध्यान में रखते हुए शंकर आश्रम चौक और अवधूत मंडल मार्ग पर सड़क के मध्य डिवाइडर की चौड़ाई न बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। इसके अलावा, अवधूत मंडल मार्ग के मध्य रेलिंग और लाइट पोस्ट स्थापित करने के निर्देश दिए गए हैं।
-
फुटपाथ व प्रकाश व्यवस्था: श्रद्धालुओं और स्थानीय निवासियों के सुगम आवागमन के लिए नगर के प्रमुख मंदिरों और मार्गों पर फुटपाथ निर्माण, प्रकाश व्यवस्था और सौंदर्यीकरण के कार्य किए जा रहे हैं।
-
सफाई और जल निकासी: भगत सिंह चौक क्षेत्र में नालों की मुकम्मल सफाई कराने और आवश्यकतानुसार उन्हें ढकने के निर्देश दिए गए हैं।
-
शौचालय व पार्किंग स्थल: मेलाधिकारी ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों से टॉयलेट और पार्किंग के लिए उपयुक्त स्थान चिन्हित करने में सहयोग मांगा है, ताकि भूमि उपलब्ध होते ही सतही पार्किंग और शौचालय सुविधाएं विकसित की जा सकें।
-
ज्वालापुर स्टेशन व जटवाड़ा पुल: ज्वालापुर रेलवे स्टेशन और जटवाड़ा पुल क्षेत्र में सड़क सुधार, जनसुविधाओं और सौंदर्यीकरण के कार्यों को समयसीमा के भीतर और उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा करने के निर्देश जारी किए गए हैं।
स्थानीय जनप्रतिनिधियों और व्यापार मंडल के प्रतिनिधियों ने मेला प्रशासन की इस जन-संवादी पहल का स्वागत किया और कहा कि जनता के सुझावों से हो रहे विकास कार्य अधिक उपयोगी साबित होंगे।
इस निरीक्षण के दौरान नगर निगम की पार्षद मोनिका सैनी, पार्षद राजेश शर्मा, पार्षद प्रतिनिधि गुलशन शर्मा, व्यापारी प्रतिनिधि और अपर मेलाधिकारी श्री दयानंद सरस्वती, एचआरडीए सचिव श्री प्रत्यूष कुमार सिंह सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

