देहरादून: उत्तराखंड में अपनी मांगों को लेकर लंबे समय से आंदोलन कर रहे प्रंतीय रक्षक दल (PRD) के जवानों और सरकार के बीच गतिरोध आखिरकार खत्म हो गया है। धामी सरकार ने अब प्रांतीय रक्षक दल (पीआरडी) जवानों को पूरे साल रोजगार उपलब्ध कराने की ओर कदम बढ़ा दिए है। साथ ही होमगार्ड की तर्ज पर उन्हें मानदेय और महंगाई भत्ता देने की तैयारी भी शुरू कर दी गई है।
गौरतलब है कि सोमवार को सचिवालय में खेल एवं युवा कल्याण मंत्री रेखा आर्या के साथ हुई प्रतिनिधिमंडल की बैठक के बाद जवानों ने अपना धरना समाप्त करने का निर्णय लिया है।
मुख्य बिंदु और सरकारी निर्देश
बैठक के दौरान मंत्री रेखा आर्या ने जवानों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और उन्हें आश्वस्त किया कि सरकार उनके हितों के प्रति पूरी तरह संवेदनशील है। इस दौरान निम्नलिखित महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए:
- प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश: मंत्री ने संबंधित अधिकारियों को पीआरडी जवानों की मांगों पर त्वरित कार्रवाई करते हुए विस्तृत प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए हैं।
- सेवाओं का नियमितीकरण: जवानों को भरोसा दिलाया गया है कि उनकी सेवा शर्तों में सुधार और उन्हें एक व्यवस्थित स्वरूप देने के लिए सकारात्मक कदम उठाए जाएंगे।
- अधिकारियों की उपस्थिति: बैठक में शासन के वरिष्ठ अधिकारी, जिनमें विशेष प्रमुख सचिव अमित सिन्हा, खेल निदेशक आशीष चौहान और अपर निदेशक अजय अग्रवाल शामिल थे, मौजूद रहे।
आपको ज्ञात होगा कि पिछले काफी समय से अपनी मांगों को लेकर धरना दे रहे स्वयंसेवकों में इस वार्ता के बाद उत्साह का माहौल है। प्रतिनिधिमंडल ने मंत्री के आश्वासन पर भरोसा जताते हुए आंदोलन वापस ले लिया है। पीआरडी जवानों को उम्मीद है कि इस बैठक के बाद अब उनकी सेवाओं को एक नियमित स्वरूप मिल सकेगा, जिससे उनका भविष्य सुरक्षित होगा।
”जल्द होगा समाधान”
मंत्री रेखा आर्या ने सोशल मीडिया और प्रेस के माध्यम से यह स्पष्ट किया कि पीआरडी जवान राज्य की कानून-व्यवस्था और विभिन्न विभागों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उनके कल्याण के लिए जो भी उचित कदम होंगे, सरकार उन्हें प्राथमिकता के आधार पर उठाएगी।

