
ऋषिकेश: सुप्रीम कोर्ट और वन विभाग की संभावित कार्रवाई की तलवार लटकने के बाद बापू ग्राम के निवासियों में व्याप्त डर के बीच आज प्रदेश के नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य मौके पर पहुँचे। पिछले 50 दिनों से चल रहे धरना स्थल पर पहुँचकर उन्होंने स्थानीय लोगों को अपना समर्थन दिया और धामी सरकार के खिलाफ जमकर हुंकार भरी।
सरकार पर लगाया ‘गैर-जिम्मेदाराना’ होने का आरोप

यशपाल आर्य ने धरना स्थल पर उपस्थित जनता को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार इस संवेदनशील मुद्दे पर पूरी तरह संवेदनहीन बनी हुई है। उन्होंने कहा:
- पत्रों की अनदेखी: “दुख की इस घड़ी में हमने सरकार को कई पत्र लिखे, लेकिन सरकार ने एक का भी जवाब देना उचित नहीं समझा।”
- भू-माफियाओं से साठगांठ: नेता प्रतिपक्ष ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार की नजर खुद यहाँ की कीमती जमीनों पर है और वह भू-माफियाओं के साथ मिलकर काम कर रही है।
- जनता की सुनवाई नहीं: उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य के कई इलाकों में पीड़ितों की सुनवाई नहीं हो रही है, जिसका खामियाजा आने वाले समय में सरकार को भुगतना पड़ेगा।
विधानसभा सत्र में गूँजेगा ‘बापू ग्राम’ का मुद्दा
आगामी 9 मार्च से शुरू होने वाले विधानसभा सत्र को लेकर यशपाल आर्य ने अपनी रणनीति साफ कर दी है। उन्होंने घोषणा की:
- कांग्रेस पार्टी सदन में इस समस्या को प्रमुखता से उठाएगी।
- सरकार से मांग की जाएगी कि वह विशेष सत्र बुलाकर इस विवादित जमीन को ‘डिफॉरेस्ट’ (वन भूमि से मुक्त) करने का प्रस्ताव पास करे।
- विपक्ष अपनी जिम्मेदारी से पीछे नहीं हटेगा और लोगों को बेघर होने से बचाने के लिए कानूनी व राजनैतिक लड़ाई लड़ेगा।
50 दिनों से जारी है संघर्ष
बता दें कि बापू ग्राम के लोग अपनी जमीन और आशियाने को बचाने के लिए पिछले 50 दिनों से लगातार धरने पर बैठे हैं। सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के बाद वन विभाग की सक्रियता ने यहाँ के हजारों परिवारों की रातों की नींद उड़ा दी है। यशपाल आर्य के साथ इस दौरान कई कांग्रेसी कार्यकर्ता और स्थानीय नेता भी मौजूद रहे।
निष्कर्ष: नेता प्रतिपक्ष के इस दौरे ने बापू ग्राम के आंदोलन को नई ऊर्जा दी है। अब सभी की नजरें 9 मार्च से शुरू होने वाले विधानसभा सत्र पर टिकी हैं कि क्या सरकार इस दिशा में कोई ठोस कदम उठाती है या नहीं।

