ऋषिकेश।
कोतवाली ऋषिकेश पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए घर से लापता हुई एक 17 वर्षीय नाबालिग बालिका को सकुशल बरामद करने में सफलता हासिल की है। इस मामले में पुलिस ने एक युवक को गिरफ्तार किया है, जिस पर नाबालिग को बहला-फुसलाकर ले जाने और दुष्कर्म करने का गंभीर आरोप है।
क्या था मामला?
जानकारी के अनुसार, बीती 15 अप्रैल को ऋषिकेश के बनखण्डी निवासी एक व्यक्ति ने कोतवाली में तहरीर दी थी। उन्होंने बताया कि उनकी 17 वर्षीय बेटी कंप्यूटर क्लास जाने के लिए घर से निकली थी, लेकिन देर शाम तक वापस नहीं लौटी। परिजनों की शिकायत के आधार पर पुलिस ने तत्काल अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर बालिका की तलाश शुरू कर दी थी।
पुलिस की कार्रवाई और बरामदगी
मामले की गंभीरता को देखते हुए कोतवाल कैलाश चंद्र भट्ट के नेतृत्व में पुलिस टीम गठित की गई। आधुनिक सर्विलांस और मुखबिर तंत्र की मदद से पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की। आज पुलिस टीम ने धनौरी पुल, कलियर रोड क्षेत्र में छापेमारी कर बालिका को सकुशल बरामद कर लिया।
मौके से पुलिस ने एक युवक को भी हिरासत में लिया, जिसकी पहचान रिहान (निवासी मंगलौर, हरिद्वार) के रूप में हुई है।
आरोपी पर गंभीर धाराओं में केस
पुलिस पूछताछ और जांच में यह तथ्य सामने आया कि आरोपी रिहान नाबालिग को शादी का झांसा देकर अपने साथ बहला-फुसलाकर ले गया था।
- पुष्टि: चिकित्सा परीक्षण और जांच के दौरान पीड़िता के साथ दुष्कर्म की पुष्टि हुई है।
- कार्यवाही: पुलिस ने आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म (IPC की प्रासंगिक धाराएं) और पोक्सो (POCSO) अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है।
- परिणाम: कोर्ट के आदेश पर आरोपी रिहान को जेल भेज दिया गया है।
परिजनों को सौंपी गई बालिका
पुलिस ने वैधानिक कार्यवाही और बयान दर्ज करने के बाद बालिका को उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया है। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई की स्थानीय निवासियों ने सराहना की है।

