ऋषिकेश: शांति और अध्यात्म के लिए विश्व भर में प्रसिद्ध ऋषिकेश अब अपराधियों के लिए भी छिपने का स्थान बनता जा रहा है, जो स्थानीय पुलिस और प्रशासन के लिए चिंता का विषय बन गया है। हाल ही में महाराष्ट्र के एक शातिर डकैत की गिरफ्तारी ने इस बात की पुष्टि कर दी है कि बाहरी राज्यों के कुख्यात अपराधी उत्तराखंड में अपनी पैठ जमाने की कोशिश कर रहे हैं।
महाराष्ट्र से फरार डकैत ऋषिकेश से धराया
ऋषिकेश कोतवाली पुलिस को मिली जानकारी के अनुसार, महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले में करीब 18.5 लाख रुपये की डकैती को अंजाम देने वाला योगेश रमेश लहारे पिछले कई दिनों से ऋषिकेश में छिपा हुआ था। महाराष्ट्र क्राइम ब्रांच की टीम ने सहायक पुलिस निरीक्षक भास्कर जाधव के नेतृत्व में ऋषिकेश पहुँचकर स्थानीय पुलिस के साथ जाल बिछाया। त्रिवेणी घाट स्थित शिव मूर्ति के पास एक सामान्य पर्यटक की भेष में घूम रहे योगेश को पुलिस ने घेराबंदी कर दबोच लिया। गिरफ्तारी से बचने के लिए उसने भागने की भरसक कोशिश की, लेकिन पुलिस की सतर्कता ने उसके मंसूबों पर पानी फेर दिया।
अपराधियों का ‘सेफ जोन’ बन रहा उत्तराखंड?
यह कोई पहली घटना नहीं है। इससे एक दिन पहले ही ओडिशा की जेल की दीवार फांदकर भागा एक अन्य कुख्यात ‘मोस्ट वांटेड’ अपराधी राजा साहनी को भी इसी इलाके से पकड़ा गया था। इन लगातार हो रही गिरफ्तारियों से यह स्पष्ट होता है कि देश के खूंखार अपराधी अब उत्तराखंड को अपनी पनाहगाह बना रहे हैं।
डीजीपी का सख्त संदेश: “अपराधियों के लिए कोई जगह नहीं”
इस बढ़ती चुनौती पर उत्तराखंड के डीजीपी दीपम सेठ ने कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया है कि उत्तराखंड की शांति व्यवस्था को किसी भी कीमत पर बिगड़ने नहीं दिया जाएगा। उन्होंने कहा:
”राज्य में किसी भी अपराधी के लिए कोई जगह नहीं है। जैसे ही किसी अपराधी की सूचना मिल रही है, पुलिस त्वरित कार्रवाई करते हुए उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज रही है। अपराधियों के हौसले पस्त करने के लिए हम पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।”
स्थानीय पुलिस अब इस बात की भी पड़ताल कर रही है कि इन अपराधियों को यहाँ पनाह देने और रहने में किसने मदद की। ऋषिकेश पुलिस की यह लगातार सफलता यह संदेश दे रही है कि देवभूमि की फिजाओं में किसी भी अपराधी को पनपने नहीं दिया जाएगा।

