ऋषिकेश। तीर्थनगरी ऋषिकेश में एक विवाहिता के साथ प्रॉपर्टी डीलर पिता-पुत्र द्वारा किए गए कथित दुष्कर्म का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। आरोपियों की गिरफ्तारी में हो रही देरी से आक्रोशित उत्तराखंड क्रांति दल (यूकेडी) के कार्यकर्ताओं ने ऋषिकेश कोतवाली का घेराव कर पुलिस प्रशासन के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने पुलिस पर मिलीभगत का आरोप लगाते हुए शीघ्र गिरफ्तारी न होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है।
पुलिस प्रशासन और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी
निर्धारित कार्यक्रम के तहत यूकेडी कार्यकर्ता बड़ी संख्या में कोतवाली पहुंचे। तनाव तब बढ़ गया जब कोतवाली के मुख्य गेट पर ही पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को भीतर जाने से रोक दिया। इससे गुस्साए कार्यकर्ताओं ने वहीं बैठकर नारेबाजी शुरू कर दी। कार्यकर्ताओं ने न केवल पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाए, बल्कि मुख्यमंत्री के खिलाफ भी जमकर अपनी भड़ास निकाली। काफी गहमागहमी के बाद कार्यकर्ता कोतवाली परिसर में दाखिल होने में सफल रहे।
मुख्य मांग: मानव जौहर और मनजीत जौहर की तुरंत गिरफ्तारी
प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व कर रहे नेताओं ने कहा कि मुकदमा दर्ज होने के कई दिन बीत जाने के बाद भी नामजद आरोपी प्रॉपर्टी डीलर मानव जौहर और उसके पुत्र मनजीत जौहर अभी भी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं।
”पुलिस की यह सुस्ती कहीं न कहीं आरोपियों के साथ मिलीभगत का अंदेशा पैदा करती है। एक विवाहिता के साथ इतना जघन्य अपराध होता है और पुलिस हाथ पर हाथ धरे बैठी है। अगर जल्द ही पिता-पुत्र को जेल नहीं भेजा गया, तो उग्र आंदोलन तय है।”
— यूकेडी कार्यकर्ता
पुलिस का आश्वासन और ज्ञापन
हंगामे की स्थिति को देखते हुए ऋषिकेश कोतवाल कैलाश चंद्र भट्ट और रानीपोखरी कोतवाल राजेंद्र सिंह खोलिया ने भारी पुलिस बल के साथ मोर्चा संभाला। पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया और उन्हें शांत कराया। अंततः कार्यकर्ताओं ने पुलिस को एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें आरोपियों की अविलंब गिरफ्तारी की मांग की गई है।
पुलिस अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि मामले की जांच गंभीरता से चल रही है और बहुत जल्द आरोपियों के खिलाफ सख्त एक्शन लिया जाएगा। फिलहाल, इस घटना के बाद से क्षेत्र में पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर चर्चाएं तेज हैं।

