ऋषिकेश | 02 अप्रैल, 2026
ऋषिकेश कॉलेज परिसर में आज उस समय स्थिति तनावपूर्ण हो गई जब परीक्षा परिणामों में लगातार आ रही त्रुटियों के विरोध में NSUI (भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन) के नेतृत्व में छात्रों ने प्रशासनिक भवन पर तालाबंदी कर दी। छात्रों के उग्र प्रदर्शन और नारेबाजी के बीच पुलिस प्रशासन को हस्तक्षेप करना पड़ा, जिसके बाद कई छात्रों को जबरन हटाकर थाने भेज दिया गया।

भविष्य से खिलवाड़ का आरोप: छात्र नेताओं के तीखे तेवर
घटनाक्रम पर कड़ा रुख अपनाते हुए पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष हिमांशु जाटव और छात्रसंघ महासचिव अभिषेक कुमार त्रिसूलिया ने साझा बयान जारी किया। उन्होंने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा:
“छात्रों के भविष्य के साथ लगातार खिलवाड़ किया जा रहा है। परीक्षा परिणामों में बार-बार होने वाली गलतियां पूरी तरह अस्वीकार्य हैं। शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिसिया बल प्रयोग लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन है।”
पुलिस कार्रवाई से बढ़ा आक्रोश
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जब छात्र प्रशासनिक भवन के बाहर प्रदर्शन कर रहे थे, तभी भारी पुलिस बल मौके पर पहुँचा। पुलिस ने छात्रों को वहां से हटने के लिए कहा, लेकिन बात न बनने पर उन्हें जबरन उठाकर परिसर से बाहर कर दिया गया और थाने ले जाया गया। इस कार्रवाई ने आग में घी डालने का काम किया, जिससे छात्रों का गुस्सा और भड़क गया।
अंतिम चेतावनी: “पूरा कॉलेज होगा ठप”
छात्रसंघ उपाध्यक्ष आयुष तड़ियाल और छात्र नेता मानव रावत ने प्रशासन को दो टूक चेतावनी देते हुए कहा कि पिछले कई वर्षों से निदेशक और परीक्षा नियंत्रक को इस संबंध में ज्ञापन दिए जा रहे हैं, लेकिन आज तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। उन्होंने स्पष्ट किया:
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मुख्य मांग: परीक्षा परिणामों की सभी त्रुटियों को तत्काल सुधारा जाए।
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दोषियों पर कार्रवाई: लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएं।
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अल्टीमेटम: यदि विश्वविद्यालय प्रशासन ने जल्द समाधान नहीं निकाला, तो पूरे कॉलेज परिसर में तालाबंदी कर उग्र आंदोलन किया जाएगा।
प्रदर्शन में शामिल मुख्य छात्र
इस विरोध प्रदर्शन के दौरान मानसी सती, रहन बंदोलिया, आर्यन भारती, गौरव जोशी, सुहानी, सृष्टि, शिवानी, इशांत, दीपक साहनी, अतुल, सुंदर, अखिल गुलियाल, आशीष, भव्या और अक्षय कुमार सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
वर्तमान में कॉलेज परिसर में पुलिस बल तैनात है और स्थिति पर नजर रखी जा रही है। छात्र अपनी मांगों को लेकर अडिग हैं, जिससे आने वाले दिनों में शैक्षणिक गतिविधियों पर असर पड़ने की संभावना है।

