ऋषिकेश: चारधाम यात्रा की तैयारियों के बीच ऋषिकेश स्थित ट्रांसिट कैंप कार्यालय के करीब दो दर्जन कर्मचारी भीषण आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। आरोप है कि आउटसोर्सिंग कंपनी की मनमानी के कारण इन कर्मचारियों को महीनों से वेतन नहीं मिला है, जिसके चलते उनके सामने परिवार का भरण-पोषण करना मुश्किल हो गया है।
कंपनी पर शोषण और मनमानी का आरोप
ट्रांसिट कैंप में तैनात सिक्योरिटी गार्ड, सफाई कर्मचारी, इलेक्ट्रीशियन और रिसेप्शनिस्टों का कहना है कि संबंधित कंपनी उनका लगातार उत्पीड़न कर रही है। कर्मचारियों के अनुसार:
- वेतन का भुगतान नहीं: कई कर्मचारियों का 2 से 5 महीने का वेतन बकाया है।
- पीएफ में धांधली: कंपनी द्वारा वेतन से पीएफ (EPF) की कटौती तो की जा रही है, लेकिन वह पैसा पीएफ फंड में जमा नहीं किया जा रहा है।
अधिकारियों से लगाई गुहार
लगातार मिल रहे आश्वासन और श्रम विभाग में की गई शिकायतों के बावजूद समस्या का कोई समाधान न होने से कर्मचारियों का धैर्य जवाब दे गया है। हाल ही में, ट्रांसिट कैंप कार्यालय में आयोजित एक बैठक के दौरान, जब वहां विकास अधिकारी पहुंचे, तो आक्रोशित कर्मचारियों ने उन्हें घेर लिया और अपनी समस्याओं से अवगत कराते हुए तत्काल हस्तक्षेप की मांग की।
चारधाम यात्रा से पहले आंदोलन की चेतावनी
कर्मचारियों ने साफ कर दिया है कि यदि उन्हें जल्द ही उनका बकाया वेतन नहीं मिला और पीएफ संबंधी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो वे चुप नहीं बैठेंगे। उन्होंने चेतावनी दी है कि चार धाम यात्रा के शुरू होने से पहले वे मजबूरन उग्र आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित कंपनी और प्रशासन की होगी।
फिलहाल, इस मामले के बाद प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मचा हुआ है और देखना यह होगा कि अधिकारी इस पर क्या सख्त कदम उठाते हैं।

