ऋषिकेश। नीट (NEET) परीक्षा में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक के मामलों को लेकर देश भर में जारी आक्रोश की ज्वाला अब तीर्थनगरी ऋषिकेश तक पहुँच गई है। गुरुवार को पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष हिमांशु जाटव के नेतृत्व में भारी संख्या में छात्रों ने देहरादून तिराहे पर एकत्रित होकर केंद्र सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। आक्रोशित छात्रों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला फूंका और सरकार विरोधी नारेबाजी की।
छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ का आरोप
प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष हिमांशु जाटव ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि सरकार लगातार देश के भविष्य यानी छात्र-छात्राओं के साथ खिलवाड़ कर रही है। जाटव ने कहा, “उत्तराखंड से लेकर पूरे देश में जिस तरह से पेपर लीक के मामले सामने आ रहे हैं, वह बेहद चिंताजनक है। नीट परीक्षा के परिणामों ने लाखों छात्रों के भविष्य को अधर में लटका दिया है।”
सत्ता पक्ष की संलिप्तता का दावा
जाटव ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि इन धांधलियों में सत्ता पक्ष से जुड़े लोगों की संलिप्तता पाई जा रही है, जो लोकतंत्र के लिए एक दयनीय स्थिति है। उन्होंने मांग की कि इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो सके।
प्रमुख मांगें:
प्रदर्शनकारी छात्रों ने स्पष्ट रूप से सरकार के सामने अपनी शर्तें रखी हैं:
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नीट परीक्षा में हुई धांधली की त्वरित और निष्पक्ष जांच हो।
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छात्रों के हितों को ध्यान में रखते हुए जल्द से जल्द नई परीक्षा आयोजित की जाए।
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पेपर लीक के दोषियों के खिलाफ कठोरतम दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
आंदोलन तेज करने की चेतावनी
प्रदर्शन के अंत में हिमांशु जाटव ने केंद्र सरकार को चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द ही कोई ठोस कदम नहीं उठाया और पारदर्शी व्यवस्था बहाल नहीं की, तो छात्र संगठन देशभर में अपने आंदोलन को और उग्र करेंगे। प्रदर्शन के दौरान भारी पुलिस बल की मौजूदगी रही, वहीं छात्रों की नारेबाजी से आसपास का वातावरण गरमाया रहा।

