
ऋषिकेश। मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (MDDA) ने अवैध निर्माण के खिलाफ अपने अभियान को और तेज कर दिया है। गुरुवार को प्राधिकरण की संयुक्त टीम ने ऋषिकेश के विभिन्न क्षेत्रों में पुलिस और प्रशासन की मौजूदगी में बड़ी कार्रवाई करते हुए आठ अवैध बहुमंजिला भवनों को सील कर दिया। इस कार्रवाई से अवैध निर्माणकर्ताओं में हड़कंप मचा हुआ है।

नियमों को ताक पर रखकर हो रहा था निर्माण

प्राधिकरण के अधिकारियों के अनुसार, ऋषिकेश के निर्मल बाग, श्यामपुर और विस्थापित क्षेत्र में कई निर्माण कार्य बिना स्वीकृत मानचित्र (मैप) के और तय मानकों के विपरीत किए जा रहे थे। एमडीडीए द्वारा इन भवन स्वामियों को पूर्व में कारण बताओ नोटिस जारी किए गए थे, लेकिन किसी भी पक्ष से संतोषजनक जवाब न मिलने और नियमों का उल्लंघन जारी रहने पर प्राधिकरण ने सख्त रुख अपनाते हुए सीलिंग की कार्रवाई का निर्णय लिया।


कहाँ-कहाँ हुई कार्रवाई?
एमडीडीए की टीम ने पुलिस बल के साथ मिलकर निर्मल बाग से लेकर लकड़घाट रोड तक व्यापक अभियान चलाया:
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गली नंबर 10, ऋषिकेश: यहाँ अवैध रूप से किए जा रहे निर्माण कार्य को मौके पर ही रुकवाकर भवन को सील किया गया।
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लकड़घाट रोड, श्यामपुर: यहाँ निर्माणाधीन एक अवैध बहुमंजिला इमारत पर प्रवर्तन की कार्रवाई की गई।
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निर्मल बाग (ब्लॉक-बी), गली नंबर 11: विस्थापित क्षेत्र के इस हिस्से में एमडीडीए ने सबसे ज्यादा सख्ती दिखाई, जहाँ कई अवैध बहुमंजिला भवनों को एक साथ सील किया गया। इसके अतिरिक्त इसी क्षेत्र में दो अन्य स्थानों पर भी अवैध निर्माण पाए गए, जिन्हें बंद कर दिया गया है।
मानकों की अनदेखी पड़ी भारी


जांच के दौरान टीम ने पाया कि ये सभी भवन उत्तराखण्ड नगर एवं ग्राम नियोजन तथा विकास अधिनियम की धाराओं का खुला उल्लंघन कर रहे थे। प्राधिकरण के अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि स्वीकृत मानचित्र के विपरीत किया गया कोई भी निर्माण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
अधिकारियों की चेतावनी
अभियान के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों ने जनता से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार का निर्माण शुरू करने से पहले प्राधिकरण से मानचित्र स्वीकृत अवश्य कराएं। एमडीडीए ने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में शहर के अन्य हिस्सों में भी इसी तरह का औचक निरीक्षण और सीलिंग अभियान जारी रहेगा।

