ऋषिकेश। तीर्थनगरी ऋषिकेश और आसपास के क्षेत्रों में प्रशासन की सख्त चेतावनी के बावजूद पर्यटक अपनी जान जोखिम में डालने से बाज नहीं आ रहे हैं। ताजा मामला मुनिकीरेती थाना क्षेत्र के अंतर्गत तपोवन स्थित पांडव पत्थर तट का है, जहाँ दिल्ली से घूमने आए चार किशोरों में से एक किशोर गंगा की लहरों में समा गया।
प्रतिबंधित क्षेत्र में नहाने का जोखिम
पुलिस के अनुसार, दिल्ली के सागरपुर निवासी चार किशोरों का एक समूह ऋषिकेश घूमने पहुँचा था। ये सभी तपोवन के पांडव पत्थर तट पर गंगा में नहाने उतरे थे। प्रशासन ने इस स्थान को ‘प्रतिबंधित घाट’ की श्रेणी में रखा है और यहाँ स्पष्ट रूप से चेतावनी बोर्ड भी लगाए गए हैं। इन निर्देशों को अनदेखा कर किशोर गंगा की गहराई में चले गए, जिसके परिणामस्वरूप आशीष कुमार नाम का किशोर तेज बहाव की चपेट में आकर डूब गया।
SDRF का सर्च ऑपरेशन जारी
घटना की सूचना मिलते ही SDRF (राज्य आपदा प्रतिवादन बल) की टीम मौके पर पहुँची। इंस्पेक्टर कविंद्र सजवाण के नेतृत्व में गोताखोरों ने गंगा की गहराई में काफी देर तक खोजबीन की। हालांकि, अंधेरा होने और जलस्तर अधिक होने के कारण फिलहाल किशोर का कुछ पता नहीं चल पाया है। रात के चलते रेस्क्यू ऑपरेशन रोक दिया गया है, जिसे कल सुबह दोबारा शुरू किया जाएगा।
परिजनों में कोहराम
पुलिस ने हादसे की जानकारी आशीष के परिजनों को दे दी है। सूचना मिलते ही परिजन दिल्ली से ऋषिकेश के लिए रवाना हो गए हैं। स्थानीय पुलिस ने बताया कि कुछ दिन पहले भी इसी प्रकार प्रतिबंधित क्षेत्र में नहाने के दौरान एक छात्र की डूबने से मौत हो चुकी है।
SDRF और पुलिस की अपील
लगातार हो रहे हादसों को देखते हुए SDRF ने पर्यटकों और स्थानीय निवासियों के लिए सख्त एडवाइजरी जारी की है:
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चेतावनी बोर्ड का पालन करें: प्रशासन द्वारा प्रतिबंधित घोषित किए गए घाटों पर कतई न जाएँ।
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जलस्तर का रखें ध्यान: वर्तमान में गंगा का जलस्तर और बहाव काफी तेज है, जो जानलेवा साबित हो सकता है।
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अकेले न छोड़ें: बच्चों को नदी के किनारों पर अकेला न छोड़ें और केवल सुरक्षित व निर्धारित घाटों का ही उपयोग करें।
प्रशासन ने एक बार फिर स्पष्ट किया है कि सुरक्षा निर्देशों की अवहेलना न केवल कानूनी रूप से गलत है, बल्कि यह जीवन के लिए भी घातक है।

