ऋषिकेश: आगामी कांवड़ यात्रा के दौरान शिवभक्तों की सुरक्षा और सुचारू आवागमन को देखते हुए प्रशासन ने तपोवन और स्वर्गाश्रम के बीच गंगा नदी पर बने आधुनिक कांच के पुल ‘बजरण सेतु’ पर सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद करना शुरू कर दिया है। लोक निर्माण विभाग (PWD) पुल पर सुरक्षा मानकों को लगातार अपग्रेड कर रहा है।
कांवड़ यात्रा में उमड़ने वाली भारी भीड़ के मद्देनजर, सुरक्षा कारणों से इस बार कांवड़ियों को कांच वाले मुख्य ट्रैक पर जाने की अनुमति मिलने की संभावना बहुत कम है। हालांकि, लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता (EE) प्रवीण कर्णवाल ने साफ किया है कि कांच के ट्रैक पर पाबंदी होने के बावजूद शिवभक्तों को निराश होने की जरूरत नहीं है। कांवड़िए वाहनों के लिए बनाए गए डामर वाले ट्रैक से आसानी से गंगा पार कर सकेंगे।
पुल पर सुरक्षा बढ़ाने के लिए निम्नलिखित कदम उठाए जा रहे हैं:
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ऊंची की जा रही सुरक्षा रेलिंग: डामर ट्रैक के किनारों पर बनी सुरक्षा रेलिंग को तीन फीट से बढ़ाकर सीधे सात फीट ऊंचा किया जा रहा है।
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लगेंगे व्यू कटर: रेलिंग पर व्यू कटर भी लगाए जा रहे हैं, ताकि पुल से गुजरते समय कांवड़िए गंगा का नजारा देखने के लिए एक जगह न रुकें। इससे पुल पर भीड़ जमा नहीं होगी और आवागमन बिना किसी रुकावट के चलता रहेगा।
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24 घंटे गार्ड्स का पहरा: पुल की सुरक्षा के लिए PWD ने तीन शिफ्टों में छह-छह सिक्योरिटी गार्ड तैनात कर दिए हैं। ये गार्ड्स चौबीसों घंटे पुल पर पैनी नजर रखेंगे ताकि कोई भी अप्रिय स्थिति न बने।

