देहरादून को प्लास्टिक मुक्त बनाने की दिशा में नगर निगम ने एक महत्वपूर्ण और तकनीकी पहल की है। शहर में पहली बार ऑटोमेटिक प्लास्टिक क्रशर मशीन स्थापित की गई है, जिसके माध्यम से अब लोग प्लास्टिक बोतलों को इधर-उधर फेंकने के बजाय वहीं मशीन में डालकर कुचल सकेंगे। इस मशीन को नगर निगम परिसर के बाहर ट्रायल के तौर पर लगाया गया है, ताकि इसके संचालन और प्रभावशीलता को परखा जा सके।

नगर निगम अधिकारियों के अनुसार, इस मशीन का मुख्य उद्देश्य सिंगल-यूज़ प्लास्टिक को नियंत्रित करना और उसे कचरा बनने से पहले ही रिसाइकिलिंग के लिए तैयार करना है। मशीन में डाली गई प्लास्टिक बोतलें तुरंत कुचल दी जाती हैं, जिससे उनका आकार छोटा हो जाता है और उन्हें संग्रहित कर आगे पुनर्चक्रण के लिए भेजना आसान हो जाता है। इस प्रक्रिया से न केवल शहर की स्वच्छता बेहतर होगी, बल्कि प्लास्टिक प्रदूषण पर भी प्रभावी अंकुश लगाया जा सकेगा।
नगर निगम की योजना है कि आने वाले समय में शहर के विभिन्न हिस्सों में ऐसी लगभग 50 ऑटोमेटिक प्लास्टिक क्रशर मशीनें लगाई जाएं। इन्हें विशेष रूप से पर्यटन स्थलों, बस अड्डों, रेलवे स्टेशन, पार्कों, शिक्षण संस्थानों और अन्य भीड़भाड़ वाले सार्वजनिक स्थानों पर स्थापित किया जाएगा, जहां प्लास्टिक बोतलों का इस्तेमाल सबसे अधिक होता है।
इस पूरी योजना को पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल के तहत लागू किया गया है। मशीनों का संचालन निजी कंपनी द्वारा किया जा रहा है, जबकि एकत्रित प्लास्टिक को रिसाइकिल कर उससे कुर्सी, टेबल, गमले और अन्य उपयोगी सामान तैयार किया जाएगा। नगर निगम का कहना है कि इस पहल से निगम पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ भी नहीं पड़ेगा और पर्यावरण संरक्षण को भी मजबूती मिलेगी।
नगर आयुक्त ने इस पहल को स्वच्छ देहरादून और सिंगल-यूज़ प्लास्टिक मुक्त शहर की दिशा में एक अहम कदम बताया है। वहीं नगर निगम प्रशासन का मानना है कि यदि आम लोग इस व्यवस्था का सहयोग करें, तो आने वाले समय में देहरादून प्लास्टिक प्रदूषण के खिलाफ एक मिसाल बन सकता है।

