ऋषिकेश/मुनिकीरेती
उत्तराखंड की विश्व प्रसिद्ध चार धाम यात्रा को सुरक्षित और निर्बाध बनाने के लिए प्रदेश सरकार ने इस वर्ष सुरक्षा व्यवस्था को अभूतपूर्व स्तर पर पहुँचा दिया है। श्रद्धालुओं की भारी आमद और संवेदनशीलता को देखते हुए अब यात्रा की सुरक्षा केवल स्थानीय पुलिस के भरोसे नहीं है; इसमें आईटीबीपी (ITBP) और एटीएस (ATS) की विशेष टीमों को भी तैनात किया गया है।
बहुस्तरीय सुरक्षा चक्र की तैनाती
ऋषिकेश और मुनिकीरेती, जो चार धाम यात्रा के मुख्य प्रवेश द्वार माने जाते हैं, अब पूरी तरह से सुरक्षा घेरे में हैं। पुलिस प्रशासन के साथ तालमेल बिठाते हुए आईटीबीपी के जवान और एटीएस के कमांडो संदिग्ध गतिविधियों पर पैनी नजर रख रहे हैं। सुरक्षा के प्रमुख बिंदु निम्नलिखित हैं:
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सघन चेकिंग अभियान: क्षेत्र के होटलों, लॉज और धर्मशालाओं में रुकने वाले यात्रियों की गहन जाँच की जा रही है।
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मार्गों पर सतर्कता: यात्रा मार्गों पर विशेष नाके लगाए गए हैं ताकि श्रद्धालुओं की आवाजाही सुरक्षित रहे।
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आपातकालीन तैयारी: किसी भी अप्रिय घटना या आपात स्थिति से निपटने के लिए इन विशेषज्ञ एजेंसियों को मुस्तैद रखा गया है।
अधिकारियों ने बढ़ाया जवानों का उत्साह
एटीएस के सब-इंस्पेक्टर अनिल आर्य ने बताया कि ऋषिकेश और मुनिकीरेती दोनों ही क्षेत्रों में सुरक्षा के कड़े प्रबंध सुनिश्चित किए गए हैं। वहीं, सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने पहुँचीं टिहरी की एसएसपी श्वेता चौबे ने मोर्चा संभाले जवानों का उत्साहवर्धन किया।
एसएसपी ने पुलिसकर्मियों सहित आईटीबीपी और एटीएस के जवानों को रिफ्रेशमेंट दिया और उन्हें पूरी सतर्कता व सेवा भाव के साथ ड्यूटी करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था का एकमात्र उद्देश्य देश-दुनिया से आने वाले श्रद्धालुओं को एक भयमुक्त और सुखद यात्रा का अनुभव प्रदान करना है।
श्रद्धालुओं के लिए संदेश
प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे सुरक्षा जाँच में सहयोग करें और किसी भी संदिग्ध वस्तु या व्यक्ति की सूचना तुरंत नजदीकी पुलिस चौकी या तैनात जवानों को दें।

