ऋषिकेश। उत्तराखंड की विश्व प्रसिद्ध चारधाम यात्रा के सुव्यवस्थित संचालन के लिए प्रशासन ने अपनी तैयारियां अंतिम चरण में पहुंचा दी हैं। इसी कड़ी में ऋषिकेश स्थित चारधाम यात्रा ट्रांजिट कैंप में जिलाधिकारी (डीएम) सविन बंसल और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) प्रमेंद्र डोबाल ने अधीनस्थ अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की और धरातल पर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
सुविधाओं पर डीएम का सख्त रुख: “हर कमी को समय से करें दूर”
जिलाधिकारी सविन बंसल ने ट्रांजिट कैंप परिसर का गहन निरीक्षण किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधाओं में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। डीएम ने अधिकारियों को निम्नलिखित निर्देश दिए:
- जर्मन हैंगर व बुनियादी ढांचा: श्रद्धालुओं के विश्राम के लिए लगाए जा रहे जर्मन हैंगर, पेयजल व्यवस्था और शौचालयों का कार्य यात्रा शुरू होने से पहले पूर्ण कर रिपोर्ट पेश करें।
- अतिक्रमण पर प्रहार: श्रद्धालुओं के आवागमन को सुगम बनाने के लिए सड़कों के साथ-साथ फुटपाथों से तत्काल अतिक्रमण हटाने के आदेश दिए गए हैं।
- फीडबैक: डीएम ने अब तक की गई व्यवस्थाओं का अधिकारियों से बिंदुवार फीडबैक लिया और शेष कमियों को तत्काल दूर करने को कहा।
सुरक्षा का अभेद्य घेरा: तैनात होंगे 500 से अधिक पुलिसकर्मी
एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल ने सुरक्षा व्यवस्था का खाका खींचते हुए बताया कि यात्रा मार्ग पर 500 से अधिक पुलिस अधिकारियों और जवानों की तैनाती की जा रही है। सुरक्षा के प्रमुख बिंदु इस प्रकार हैं:
- पर्यटन पुलिस की सेवा: ऋषिकेश में विशेष रूप से पर्यटन पुलिस तैनात रहेगी। एसपी ग्रामीण जया बलूनी को यात्रा का नोडल अधिकारी बनाया गया है।
- अतिरिक्त बल: पीएससी (PAC) की तैनाती जल्द की जाएगी, साथ ही रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) की मांग मुख्यालय को भेजी गई है।
- ट्रैफिक प्लान: भीड़ नियंत्रण के लिए पूर्व की भांति प्लान ए, बी और सी तैयार है, जिसे ट्रैफिक का दबाव बढ़ते ही लागू कर दिया जाएगा।
- पार्किंग व्यवस्था: पिछले वर्ष की तर्ज पर आईडीपीएल (IDPL) और खांड गांव में पार्किंग की उचित व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।
प्रशासनिक और पुलिस अमले की इस संयुक्त कवायद का उद्देश्य यात्रा को सुरक्षित और सुखद बनाना है। अधिकारियों के कड़े तेवर साफ करते हैं कि इस बार व्यवस्थाओं को चाक-चौबंद रखने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी।

